• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नेपाल पर चीन की चापलूसी पर भारत सरकार की कड़ी नजर

Desk by Desk
28/12/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, ख़ास खबर
0
oli-prachand

oli-prachand

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। चीन के नेपाल मामले में खुले हस्तक्षेप के बावजूद भारत अपने इस पड़ोसी देश के आंतरिक मामलों में चुप्पी साधे रहने की नीति पर कायम है। चीन ने सभी कूटनीतिक आदर्शों को ताक पर रख कर नेपाल की राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित करने में जुटा है। पिछले दो दिनों से नेपाल में चीन के कम्यूनिस्ट पार्टी का एक दल तमाम पक्षों से विमर्श करने और नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के दोनों सीनियर राजनेताओं पीएम केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल प्रचंड में बीच-बचाव कर रहा है।

मामूली विवाद में दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष, एक की मौत, छ्ह घायल

चीन का दल पीएम ओली और प्रचंड से अलग-अलग मुलाकात कर चुका है। चीन के खुल कर नेपाल के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने को लेकर भारत अचंभित है लेकिन वह प्रतिक्रिया जता कर यह संदेश नहीं देना चाहता कि वहां के राजनीतिक उठापटक में उसकी कोई रुचि है। सीपीसी का दल नेपाल के राष्ट्रपति के साथ भी दो घंटे तक विमर्श किया था। नेपाल के मुख्य अंग्रेजी समाचार पत्र द काठमांडू पोस्ट ने लिखा है कि, सीपीसी के उप नेता गुओ येझू की अगुवाई में दल काठमांडू पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद राष्ट्रपति निवास पहुंच गया।

युवराज सिंह के दोबारा खेलन की उम्मीद खत्म, बीसीसीआई ने नहीं दी इजाजत

राष्ट्रपति बीडी भंडारी से मुलाकात के बाद सीधे पीएम ओली से इस दल की मुलाकात हुई। भारत मानता है कि पूर्व के अनुभवों को देखते हुए पड़ोसी देशों में राजनीतिक मामलों में कोई टीका-टिप्पणी नहीं करना ही उसके साथ संबंधों के हित में है। दो वर्ष पहले मालदीव में भी भारत ने ऐसी ही रणनीति अख्तियार की थी और उसका सकारात्मक फायदा हुआ था। हालांकि भारतीय रणनीतिकार काठमांडू की एक-एक गतिविधियों पर नजर जमाये हुए हैं।

Tags: Chinese intervention in NepalKP Sharma OliKP Sharma Oli and PrachandanationalNational News national politics hindi newsNepal Communist Party splitsNepal Governmentnepal newsNepal PoliticsNEWSPM Modi StandpoliticsPrachanda
Previous Post

मामूली विवाद में दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष, एक की मौत, छ्ह घायल

Next Post

कार-बाइक में आमने-सामने की भीषण टक्कर, पांच लोग घायल

Desk

Desk

Related Posts

Muskmelon kheer
Main Slider

मीठे में बनाएं लाजवाब खरबूजे की खीर

27/05/2026
CM Yogi
Main Slider

जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगाः सीएम योगी

26/05/2026
Nautapa
Main Slider

नौतपा में करें ये अचूक उपाय, पैसों से भर जाएगा घर

26/05/2026
Kesahv Prasad Maurya
Main Slider

2047 तक ‘वनवास’ पर रहेगा विपक्ष, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों का एनकाउंटर जारी रहेगा: डिप्टी सीएम

26/05/2026
Harmanpreet Kaur
Main Slider

हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री सम्मान, इंग्लैंड तक दिखा जश्न

26/05/2026
Next Post
Accident

कार-बाइक में आमने-सामने की भीषण टक्कर, पांच लोग घायल

यह भी पढ़ें

Dawood Ibrahim

Don पर कसा शिकंजा, भाई के खिलाफ ED का बड़ा एक्शन

24/12/2024
shivpal

सीएम के तंज पर शिवपाल का जवाब, बोले- पार्टी ही नहीं दिल भी हुए हैं एक

20/02/2022
weapons

मुफ्ती रऊफ ने आतंकियों से कहा, कश्मीर में हथियार सप्लाई करना हो रहा है मुश्किल

25/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version