लखनऊ / महोबा। हमारे गांव में पहले महिलाओं को पानी के लिए तालाब, कुओं और हैंडपंपों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई – कई घंटे लग जाते थे। कई बार तो विवाद और मारपीट तक की स्थिति बन जाती थी। इतनी मेहनत के बाद भी स्वच्छ पानी मिलना एक सपना जैसा था और बच्चे, बूढे़ बीमारियों से घिरे रहते थे, लेकिन अब जल जीवन मिशन की हर घर नल योजना ने पानी की समस्या हमेशा-हमेशा के लिए दूर कर दी। अब खूब समय बचता है और शुद्ध पेयजज मिलता है। यह कहना है कि महोबा जिले के चरखारी विकासखंड की ग्राम पंचायत कमल खेड़ा (शिवहर ) के ग्राम प्रधान राजू का।
ग्राम प्रधान राजू ने बताया कि चरखारी ब्लाक में पीने के पानी की बड़ी समस्या थी। बहुओं को पानी के लिए क्या कुछ नहीं करना पड़ता था। यह हमारे दिल से पूछो। उनका कहना है कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ और केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के प्रयास से अब हमारे गांव—ब्लाक में पानी की समस्या पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। अब सुबह- शाम नियमित रूप से पानी आता है। कहीं कोई परेशानी नहीं है। सबसे अधिक खुश महिलाएं हैं,क्योंकि उन्हें एक घडे़ पानी के लिए घंटों मीलों चलना पड़ता था।
सच में यह खुशी केवल कमल खेड़ा (शिवहर ) के ग्राम प्रधान राजू की ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत के हर शख्स का यही कहना है। जल जीवन मिशन ने बुंदेलखंड में दशकाें पुरानी पानी की समस्या को खत्म कर दिया है। महोबा, चित्रकूट, झांसी, बांदा और हमीरपुर जैसे जिलों में लाखों घरों तक पाइपलाइन से स्वच्छ जल पहुंचाया गया है। अब महिलाओं को दूर से पानी नहीं लाना पड़ता, बच्चों को बीमारियों से बचाव मिला है। जल जीवन मिशन योजना इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा वरदान साबित हुई है, जिससे लोगों का जीवन स्तर सुधरा है।
बुंदेलखंड में कभी सिर पर घड़ा रखकर दूरदराज से पानी लाती एक महिला की तस्वीर ही यहां के जिलों की पहचान बन गई थी महोबा के लोगों ने पानी की किल्लत से लंबे समय तक दुर्दिन भरे दिन देखे हैं। कभी यहां वाटर ट्रेन से पानी पहुंचाने की नौबत आ गई थी। लोग घड़ा भर पानी के लिए जाने कहां-कहां तक भटकते थे। लेकिन अब यह सब अतीत की बातें हैं। अब सड़कों पर दूर से ही दिखने वाली पानी की टंकियां उम्मीदों की जलधारा हैं। महोबा जिले के चरखारी ब्लाक की ग्राम पंचायत कमलखेड़ा के ग्राम प्रधान राजू इस योजना का चर्चा करते हुए भावुक हो जाते हैं। कहते हैं कि हम योगी-मोदी सरकार के कृतज्ञ हैं कि उन्होंने हमारी ग्राम पंचायत को बीमारियों से बचाने का इंतजाम कर दिया। हमारे गांव के बच्चे अब नहा-धोकर स्कूल जाते हैं। बच्चों ओर मााताओं में स्वच्छता का भाव स्वतः ही आने लगा है।
बात केवल बुंदेलखंड की ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पानी कनेक्शन देने के मामले में अभूतपूर्व काम हुआ है । आंकड़ाें पर गौर करें तो वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 14,79,20,976 ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल का सीधा लाभ मिल रहा है। योगी सरकार के आने से वर्ष 2019 से पहले नल कनेक्शन का औसत 1.97 प्रतिशत था जबकि अब यह औसत 92.27 प्रतिशत पहुंच चुका है और इसका परिणाम यह हुआ कि नल कनेक्शन देने में उत्तर प्रदेश देश में पहले नंबर पर है।
80 फीसदी परियोजनाएं सोलर पर आधारित
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की विभिन्न परियोजनाओं की सबसे खास बात यह है कि अब तक संचालित योजनाओं में 80 प्रतिशत परियोजनाएं सोलर पर आधारित है। आंकडों में देखें तो वर्तमान में 33157 परियोजनाओं में सोलर का उपयोग हो रहा है और प्रतिदिन 900 मेगावाट का उत्पादन किया जा रहा है। ऐसा होने से न केवल बिजली की बचत हो रही है बल्कि नवीन उर्जा स्रोतों पर भी निर्भरता बढाई जा रही है। उर्जा संरक्षण की दिशा में योगी सरकार की यह बड़ी उपलब्धि है।
शुद्ध पेयजल की शुद्धता की गारंटी,घर बैठे हो रही जांच
जल जीवन मिशन में योगी सरकार की प्राथमिकता हर घर तक जल पहुंचाने के साथ-साथ पानी की शुद्धता भी सुनिश्चित करनी है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का बुरा असर न पडे़। इसलिए प्रदेश में अब तक 4,80,000 से अधिक महिलाओं को पानी की जांच का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ये महिलाएं स्वयं न केवल अपने घर आपूर्ति होने वाले जल की गुणवत्ता जांच सकती हैं, बल्कि ग्राम पंचायत में भी पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पानी की शुद्धता की जांच का यह तरीका बेहद अनोखा है और इसमें कम समय में तत्काल परिणाम मिल रहा है।
जल जीवन मिशन से हुआ कौशल विकास, मिला रोजगार
प्रदेश भर के गांव-गांव में हर घर नल कनेक्शन देने के इस अभियान में रोजगार की भी बहार आ गयी। मिशन से विभिन्न कार्यों के लिए हजारों की संख्या में कुशल और अकुशल कामगारों की मांग बढ़ी और मिशन ने भी अपने स्तर से प्रशिक्षित कर रोजगार के लिए उनकी राहें आसान की। मिशन ने कनेक्शन देने और पाइप से की मरम्मत के कार्य करने के लिए गांव के युवाओं को भी ट्रेनिंग दी गयी है। इसके पीछे तर्क यह है कि ग्रामीण स्तर पर न केवल रोजगार के अवसर बढेंगे बल्कि गांव में भी प्लंबरिंग से जुडे कामों को तत्काल कर लिया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रदेश भर में 1,16,037 युवाओं को प्लंबिंग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी प्रकार 1,66,67 इलेक्ट्रीशियन और 1,15,505 मोटर मैकेनिक, 1,16,007 फिटर, 1,75,880 राजमिस्त्री, 1,16,007 पम्प ऑपरेटर्स को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब प्रशिक्षण के बाद यह सभी कुशल कारीगर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
तेजी से हो रहा सड़क की मरम्मत का कार्य
गांव में हर घर जल कनेक्शन देने के समय रोड कटिंग की गयी थी। लेकिन एक अभियान चलाकर प्रदेश के 63,546 गांवों का सड़क की मरम्मत (रोड रेस्टोरेशन) का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। शेष गांवों में तेजी से काम पूरा किया जा रहा है। ग्राम प्रधानों को भी यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी गयी है कि वे रोटेशन के काम की गुणवत्ता देखें ओर अगर किसी प्रकार की कमी मिलती है तो अपनी शिकायत व सुझाव संबंधित परियोजना के स्टाफ को बताएं।
जल जीवन मिशन से जुडे अधिकारियों के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 29,080 सोलर प्लांट को लगाया जा चुका है। इतना ही नहीं सफलता के आयामों को पार करते हुए मिशन में पूरे प्रदेश में 5,22,198 किलो मीटर की वाटर पाइप लाइन बिछा ली गयी और प्रदेश में कुल 37,792 पम्प हाउसों का निर्माण भी किया जा चुका है। इसके साथ-साथ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के द्वारा 21,451 ओवरहेड टैंक लगाए जा चुके हैं, जबकि 17,513 ओवरहेड टैंक निर्माणाधीन हैं । इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के 28 हजार से अधिक गांव हर घर जल से प्रमाणित हो चुके हैं।
बुंदेलखंड में नल कनेक्शन
महोबा –1,39,904
झांसी –2,49,190
ललितपुर–2,05,966
चित्रकूट –1,63,698
बांदा –2,68,722
हमीरपुर –1,85,693
बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन का असर केवल नलों और पाइपलाइनों तक सीमित नहीं है। पानी घर तक पहुंचने से महिलाओं का समय बच रहा है, बच्चों की दिनचर्या में बदलाव आया है और ग्रामीण परिवारों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है। हालांकि, इन परियोजनाओं की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले वर्षों में जलापूर्ति नियमित बनी रहे, पानी की गुणवत्ता की निगरानी होती रहे और बनी हुई आधारभूत संरचनाओं का प्रभावी रखरखाव किया जाए।








