• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

2 लोगों पर कभी नहीं करना चाहिए भरोसा, वरना मिलेगा धोखा

Writer D by Writer D
19/06/2021
in Main Slider, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य ने जिंदगी को लेकर कई नीतियां और अनुमोल विचार दिए हैं। इन अनुमोल विचारों और नीतियों पर जो भी चला है वो उसे जीवन में मुश्किलों का सामने किस तरह से करे इसकी सही दिशा मिलती है। इसके साथ ही वो मुश्किल घड़ी का किस तरह डटकर सामना करे इसकी भी सीख मिलती है। आचार्य चाणक्य के इन विचारों में से ही आज हम एक विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है, इस पर आधारित है।

“कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है।” आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब है कि कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है। इस लाइन का मतलब है जब दो कमजोर व्यक्ति एक दूसरे से लड़ते हैं तो दोनों का टूटना निश्चित है। ऐसा इसलिए क्योंकि सिर्फ दो व्यक्ति शारीरिक तौर पर ही एक दूसरे से नहीं लड़ते। वो मानसिक के साथ-साथ विचारों से भी एक दूसरे के साथ लड़ते हैं। ऐसे में अगर दोनों ही व्यक्ति अगर शारीरिक के अलावा मानसिक रूप से भी कमजोर होंगे तो दोनों का हारना निश्चित है।

कई बार ऐसा होता है कि दो कमजोर व्यक्ति एक दूसरे का सहारा बन जाते हैं। दोनों को ऐसा लगता है कि समय आने पर ये दोनों एक दूसरे का साथ देंगे। लेकिन कई बार दोनों की एक दूसरे की सहारा बनने की कोशिश कई मौकों पर दोनों को ही डुबा देती है।

उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति किसी फैसले को लेने में असमर्थ हैं। ऐसे में वो अगर उस व्यक्ति से परामर्थ लेने गया हो जो खुद भी फैसला करने में दुर्बल हो। तो ऐसे में दोनों का लिया गया फैसला कमजोर ही होगा। ऐसा नासमझ व्यक्ति न तो खुद किसी कार्य को ठीक तरह से कर पाएगा और न ही किसी दूसरे की सहायता कर पाएगा। इसलिए आचार्य चाणक्य ने कहा है कि एक कच्चा पात्र दूसरे कच्चे पात्र से टकराकर टूट ही जाता है।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

ऑफिस के बॉस का केबिन सही दिशा में होना है जरूरी

Next Post

साउथ इंडियन डिश के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती हैं ये चटनी

Writer D

Writer D

Related Posts

104 Health Helpline
Main Slider

104 हेल्थ हेल्पलाइन: एक दशक में कॉल सेंटर से ‘प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम’ तक पहुंचा उत्तराखंड

19/08/2026
Suresh Khanna
Main Slider

भारत-जापान के रिश्तों में नई मजबूती, यूपी के साथ बढ़ रही रणनीतिक साझेदारी: सुरेश खन्ना

19/08/2026
Shivraj Singh Chauhan
Main Slider

जापानी तकनीक का लाभ छोटे किसानों तक पहुंचाएं, कृषि लागत घटाकर उत्पादकता बढ़ाएं: शिवराज सिंह चौहान

19/08/2026
Bhado Month
Main Slider

कब से शुरू हो रहा भादो, जानें तिथि और इसका खास महत्व

19/08/2026
CM Yogi
Main Slider

आयुष्मान मरीजों के इलाज में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, 866 अस्पतालों पर कार्रवाई

18/08/2026
Next Post
south indian chutney for idli

साउथ इंडियन डिश के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती हैं ये चटनी

यह भी पढ़ें

Peppermint oil

ये ऑयल चेहरे पर लगाने के होते हैं ये फायदे

13/10/2025
AK Sharma

एके शर्मा ने नगर विकास विभाग के वार्षिक कैलेंडर और मासिक पत्रिका ‘स्वच्छता टाइम्स’ का किया अनावरण

27/01/2025
Lucknowi Pulao

इस डिश से बनाएं अपने भोजन को स्पेशल, हर कोई करेगा तारीफ

12/09/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version