• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अब लिखा जायेगा भारत का सैन्य युद्ध इतिहास, रक्षा मंत्री ने दी मंजूरी

Writer D by Writer D
12/06/2021
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
rajnath

rajnath

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भारत के सैन्य युद्ध अभियानों की कहानियां अब मुंह जुबानी नहीं रहेंगी बल्कि संकलित करके एक ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में जल्द ही लोगों के सामने आएंगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को सैन्य इतिहास लिखे जाने के लिए एक नीति को मंजूरी दे दी है। कारगिल युद्ध के दौरान मिले अनुभवों का विश्लेषण करने और भविष्य में गलतियों को रोकने के लिए सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता वाली कारगिल समीक्षा समिति ने भी युद्ध का इतिहास लिखे जाने की सिफारिश की थी।

दरअसल कारगिल युद्ध के बाद के. सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में एक ‘कारगिल समीक्षा समिति’ बनाई गई थी। इस समिति के साथ ही एनएन वोहरा समिति ने भी युद्ध के दौरान मिले अनुभवों का विश्लेषण करने और भविष्य में गलतियों को रोकने के लिए युद्ध का इतिहास स्पष्ट नीति के साथ लिखे जाने के लिए सिफारिश की थी। इन सिफारिशों में 1999 के कारगिल युद्ध के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से भी युद्ध का आधिकारिक इतिहास लिखे जाने का उल्लेख किया गया था। सैन्य युद्धों का आधिकारिक इतिहास लोगों को सही जानकारी देगा और साथ ही इससे अकादमिक शोध के लिए प्रामाणिक सामग्री भी मिलेगी।

बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम किए जाएं : सीएम योगी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्ध​ ​संचालन इतिहास के संग्रह, अवर्गीकरण और संकलन​ एवं ​प्रकाशन संबंधी नीति को मंजूरी दे दी है। ​मंजूर की गई नीति के अनुसार रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाला प्रत्येक संगठन उचित रखरखाव, अभिलेखीय और इतिहास लिखने के लिए इतिहास विभाग को युद्ध डायरी, कार्यवाही के पत्र और परिचालन रिकॉर्ड बुक आदि सहित रिकॉर्ड हस्तांतरित करेगा।​ ​इतिहास प्रभाग युद्ध​ ​संचालन इतिहास के संकलन, अनुमोदन और प्रकाशन के दौरान विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार होगा।​ नीति के अनुसार अभिलेखों को सामान्यतः 25 वर्षों में अवर्गीकृत किया जाना चाहिए। 25 वर्ष से अधिक पुराने अभिलेखों का अभिलेखीय विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए​​। ​​​​​​

युद्ध संचालन का इतिहास संकलित करने के लिए रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। समिति में प्रमुख सैन्य इतिहासकारों के साथ-साथ तीनों सेनाओं के प्रतिनिधियों, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जायेगा। नीति में युद्ध इतिहास के संकलन और प्रकाशन के संबंध में स्पष्ट समय सीमा भी निर्धारित की गई है। युद्ध या ऑपरेशन पूरा होने के दो साल के भीतर समिति का गठन किया जाना चाहिए। इसके बाद अभिलेखों का संग्रह और संकलन तीन वर्षों में पूरा किया जाना चाहिए। इस तरह पांच साल के भीतर ​युद्ध​ का इतिहास संकलित होने के बाद भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए​​।

Tags: Kargil WarNational newsRajnath
Previous Post

झगड़े की कॉल पर गए सिपाही के साथ मारपीट, आरोपी गिरफ्तार

Next Post

सेना के जवानों पर हुए हमले की केजरीवाल ने की निंदा, कहा मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री योगी ने देवीपाटन मंदिर में की मां पाटेश्वरी की आराधना, गौशाला में गायों को खिलाया हरा चारा

22/07/2026
Beetroot kabab
Main Slider

मॉनसून में बनाएं कबाब, बारिश की शाम बन जाएगी और भी सुहानी

22/07/2026
Marriage
Main Slider

ऐसी लड़कियां मानी जाती हैं भाग्यशाली, शादी के बाद खुल जाती है पति की किस्‍मत

22/07/2026
Gangajal
Main Slider

घर में गंगाजल को रखने के ये हैं नियम, किस पात्र में रखें

22/07/2026
Nail Paint
Main Slider

फटाक से सूख जाएगी नेल पेंट, ट्राई करें ये तरीके

22/07/2026
Next Post
arvind kejriwal

सेना के जवानों पर हुए हमले की केजरीवाल ने की निंदा, कहा मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए

यह भी पढ़ें

teachers recruitment शिक्षक भर्ती 2020

असम शिक्षक भर्ती 2020: 3753 रिक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित

29/09/2020
Patriarchay

महिलाओं से आकाश छीनता पितृसत्ता विश्वास

28/06/2023
CM Yogi

नया भारत तय करता है दुनिया के ध्रुवीकरण की दिशा : सीएम योगी

04/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version