• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ठंड में धड़ल्ले ले जलाई जा रही पॉलीथीन, जानलेवा स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

Desk by Desk
16/01/2021
in Main Slider, स्वास्थ्य
0
polythene

polythene

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। कड़ाके की ठंड से बचने के लिये उत्तर प्रदेश में धड़ल्ले से जलायी जा रही प्रतिबंधित पालीथीन और टायर जैसे हानिकारक रासायनिक पदार्थ प्राण वायु को प्राण घातक बनाने में महती भूमिका अदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अदालत के आदेश का अक्षरश: पालन करने की कटिबद्धता जताते हुये अपने कार्यकाल के दौरान अब तक कम से कम पांच बार प्रतिबंधित पालीथीन के इस्तेमाल पर रोक लगा चुकी है मगर जवाबदेह अफसरों की उदासीनता सरकार की कटिबद्धता का मखौल उड़ाने में कोई कोताही नहीं बरत रही है,नतीजन राज्य के हर शहर में प्रतिबंधित पालीथीन का इस्तेमाल खुलेआम जारी है।

लंबा शॉट खेलने के चक्कर में लियोन की गेंद पर आउट हुए रोहित

इस बीच कड़ाके की ठंड से बचने के लिये अलाव के तौर पर खुलेआम जल रहे टायर ट्यूब और पालीथीन हवा में विषैले तत्वों को इस कदर घोल रहे है कि लगभग समूचे राज्य में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है जो श्वांस रोगियों के लिये जानलेवा होने के साथ विदा हो रहे कोरोना संक्रमण को हवा देने में महती भूमिका निभा सकता है।

कृषि कानूनों पर मोदी सरकार को अपनी गलती स्वीकार कर लेना चाहिए: पी.चिदंबरम

सार्वजनिक स्थानों पर पुराने टायर, ट्यूब, प्लास्टिक, पाॅलीथिन और मोटर वाहन के खराब तेल का अलाव जलाने से टौक्सिक रसायन, पीएम 10 व 2.5 माइक्रोमीटर माप के छोटे कार्बन कण, बेंजीन, पारा, वैनेडियम तथा कैंसर फैलाने वाले डाईऔक्सिंस और फ्यूरियस हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है।

कोविड-19 के खिलाफ जंग में टीका ‘संजीवनी’ की तरह करेगा काम : हर्षवर्धन

चिकित्सकों के अनुसार पालीथीन के प्रयोग से मानव शरीर असाध्य रोग की चपेट आ जाता है। पॉलीथिन के प्रयोग से रक्तचाप, नपुसंकता, अस्थमा, कैंसर और चर्म रोग जैसी घातक बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। पॉलीथिन में कुछ घंटों तक रखी गई खाद्य सामग्री विषैली हो जाती है। इन रसायनों से डीएनए खराब होने मानसिक रोग की संभावनाये बढ जाती है। डाईओक्सिंस गैसें दूसरे हानिकारक तत्वों तथा रसायनों की अपेक्षा कैंसर की बीमारी के लिए 10 हजार गुना घातक हैं।

Tags: air pollutionasthamaplythenePollution
Previous Post

लंबा शॉट खेलने के चक्कर में लियोन की गेंद पर आउट हुए रोहित

Next Post

एकेटीयू का दीक्षांत : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं, सीमित संसाधनों के बीच कोरोना पर पाया काबू

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

15/09/2026
Main Slider

राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO चयन पर दी सफाई, पत्र जारी कर बताई पूरी प्रक्रिया

15/09/2026
Main Slider

लंबे समय तक फ्रेश रहेंगे मखाने, ऐसे करें स्टोर

15/09/2026
Main Slider

गणेश चतुर्थी: बप्पा को चढ़ाएं इंस्टेंट लड्डू, नोट कर लें रेसिपी

15/09/2026
फैशन/शैली

पैरों की नसों में रहता है दर्द, तो आज से शुरू करें ये काम

15/09/2026
Next Post
एकेटीयू का दीक्षांत AKTU convocation

एकेटीयू का दीक्षांत : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं, सीमित संसाधनों के बीच कोरोना पर पाया काबू

यह भी पढ़ें

Divya Pahuja

मॉडल दिव्या पाहुजा का शव इस शहर से मिला, पीठ पर बने टैटू से बहन ने की पहचान

13/01/2024
Allahabad High Court

उच्च न्यायालय ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने से नौकरी से बर्खास्तगी को माना गलत

18/07/2021
Sambhal violence: Now DIG jail suspended

एसपी ने दारोगा समेत 15 पुलिस कर्मियों को किया निलम्बित, जानें पूरा मामला

03/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version