अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर कुछ मीडिया माध्यमों में प्रसारित दावों को गलत बताया है। ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) सीईओ चयन की पूरी प्रक्रिया में शामिल हुए थे और उन्होंने 11 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने का साक्षात्कार दिया था।
ट्रस्ट के मुताबिक, सीईओ के चयन के लिए 6 जुलाई 2026 को खोज समिति का गठन किया गया था। समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले थे। इन आवेदनों की बहुस्तरीय जांच की गई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एआई आधारित स्क्रीनिंग के साथ विशेषज्ञों की मैनुअल जांच भी शामिल थी।
इस प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। इन सभी उम्मीदवारों की 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत और साक्षात्कार हुआ।
जितेंद्र मिश्र भी अंतिम चरण के उम्मीदवारों में शामिल थे
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त की पहली पाली में साक्षात्कार दिया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खोज समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट और अनुशंसाएं 1 सितंबर को ट्रस्ट को सौंप दीं।
रिपोर्ट में तीन नामों की अनुशंसा की गई थी। इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के अलावा संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज शामिल थे। ट्रस्ट ने 2 सितंबर को इन नामों की जानकारी मीडिया के सामने साझा की थी। इसके बाद जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाए जाने की घोषणा की गई।
ट्रस्ट बोला- चयन प्रक्रिया थी दस्तावेजीकृत
ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्र के साक्षात्कार में शामिल नहीं होने संबंधी दावों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया। उसका कहना है कि शीर्ष तीन अनुशंसित उम्मीदवारों में जितेंद्र मिश्र का शामिल होना उनकी चयन प्रक्रिया में भागीदारी और मूल्यांकन का स्पष्ट प्रमाण है।
ट्रस्ट के अनुसार, चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का दस्तावेजीकरण किया गया था। अयोध्या में अंतिम चरण में शामिल सभी उम्मीदवारों की पहचान भी दर्ज की गई थी।
भविष्य में भी तथ्यात्मक जानकारी देगा ट्रस्ट
स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि ट्रस्ट संस्थागत शासन और पारदर्शिता के उच्च मानकों के अनुरूप चयन प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भविष्य में चयन प्रक्रिया को लेकर कोई सवाल उठता है तो ट्रस्ट की ओर से तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
इस स्पष्टीकरण के साथ ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्र के साक्षात्कार में शामिल होने को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।









