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लगातार तीसरी बार RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 6.50 फीसदी पर रखा बरकरार

Writer D by Writer D
10/08/2023
in Business, Main Slider
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Shaktikanta Das

Governor Shaktikanta Das

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मुंबई। महंगाई को लक्षित दायरे में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखने और महंगाई के अनुमान को बढ़ाते हुये नीतिगत दरों  में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। समिति ने रेपो दर (Repo Rate) को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है।

चालू वित्त वर्ष में तीसरी द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक के बाद आज जारी बयान में यह घोषणा की गयी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने यह घोषणा करते हुये कहा कि वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समयोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है।

समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।

श्री दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बीच सशक्त और मजबूत बना हुआ और यह महंगाई को काबू में करने में सक्षम है।। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 8.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रह सकती है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 6.6 प्रतिशत रह सकती है।

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक (RBI) पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। उन्होंने कहा कि टमाटर की कीमतों में उछाल के साथ ही अनाज और दालों की कीमतों में आयी तेजी से महंगाई बढ़ी है लेकिन अब सब्जियों की कीमतों में कमी आने का पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत कर दिया गया है। दूसरी तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत रह सकती है।

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श्री दास ने कहा कि समिति ने आम सहमति से रेपो दर (Repo Rate) को 6.5 प्रतिशत पर रखने का निर्णय लिया है। श्री दास ने कहा कि यह निर्णय खुदरा महंगाई को रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत के दायरे में रखने के लक्ष्य के अनुरूप लिया गया है। यह निर्णय विकास को गति देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक महंगाई और विकास पर करीबी नजर रखे हुये है।

उन्होंने कहा कि खरीफ की बुआई में तेजी आयी है और मानसून सामान्य रहने पर महंगाई आगे लक्षित दायरे की ओर आ सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं की मांग आने लगी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सब्जियों की कीमतों में नरमी आने का अनुमान है लेकिन अगस्त में अलनीनो के प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि 2023-24 की पहली तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति में 4.6 प्रतिशत की कमी आयी है लेकिन खाद्य मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के कारण जून में मुद्रास्फीति 4.8 प्रतिशत हो गई। हालांकि सकारात्मक पक्ष यह रहा है कि खाद्य और ईंधन को छोड़कर मुद्रास्फीति 100 आधार से अधिक कम हो गई है। मुख्यतः सब्जियों के कारण खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि हुयी। टमाटर की कीमतों उछाल और अनाज तथा दालों की कीमतों में और वृद्धि ने महंगाई को बढ़ाने का काम किया। परिणामस्वरूप, निकट अवधि में खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि होने का अनुमान है।

Tags: RBIrbi repo raterepo rate
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