नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जेईई परीक्षा में हेराफेरी ( JEE paper leak case) के मामले में रूसी नागरिक मिखाइल शार्गिन को उसकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक शार्गिन के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। मिखाइल को भारत आने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मिखाइल से सीबीआई के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ विदेशी नागरिक जेईई (मेन्स) ( JEE paper leak case) समेत कई ऑनलाइन परीक्षाओं में इस मामले में अन्य आरोपियों की मिलीभगत से शामिल थे। इसमें एक रूसी नागरिक की भूमिका का खुलासा किया गया था। आरोपी ने कथित तौर पर ILeon सॉफ्टवेयर (जिस प्लेटफॉर्म पर जेईई (मेन्स) -2021 परीक्षा आयोजित की गई थी) के साथ छेड़छाड़ की थी और उसने परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों के कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने में अन्य आरोपियों की मदद की थी। इसलिए रूसी नागरिक मिखाइल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था।
जेईई (मेन्स) परीक्षा-2021 ( JEE paper leak case) में अनियमितताओं के आरोप में एक निजी कंपनी के निदेशकों और तीन कर्मचारियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ एक सितंबर 2019 को केस दर्ज किया गया था।
आरोप था कि उक्त कंपनी और उसके निदेशक जेईई (मेन्स) की ऑनलाइन परीक्षा में हेरफेर कर रहे थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने रिमोट एक्सेस के माध्यम से प्रश्न पत्र को हैक कर लिया था। साथ ही, आरोपियों ने एनआईटी में प्रवेश पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों से पैसे लेकर पेपर सॉल्व करने की बात कही थी। यह केंद्र हरियाणा के सोनीपत में है।
यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में इच्छुक छात्रों की 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, यूजर आईडी, पासवर्ड और पोस्ट डेटेड चेक सिक्योरिटी के रूप में जमा करते थे। औऱ एक बार एडमिशन हो जाने के बाद आऱोपी बड़ी राशि जमा करते थे। जो कि हर अभ्यर्थी से करीब 12-15 लाख रुपये होती थी।





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