• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सर्व पितृ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया, जानें पितर तर्पण का टाइम

Writer D by Writer D
21/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Sarva pitru Amavasya

Sarva pitru Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अश्विन माह की अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या ( Sarva Pitru Amavasya) और महालया अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इस बार सर्व पितृ अमावस्या 21 सितंबर को है और खास बात यह है कि इस दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी है. साल का दूसरा और आखिरी ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो कि 21 सितंबर को सर्व पितृ अमावस्या पर लगेगा. ऐसे में लोगों के मन में संशय बना हुआ है कि क्या ग्रहण के दौरान पितरों का तर्पण कर सकते हैं और अगर कर सकते हैं तो सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों के तर्पण का समय क्या रहेगा. चलिए आपको बताते हैं.

सर्व पितृ अमावस्या ( Sarva Pitru Amavasya) का दिन पितरों के तर्पण के लिए बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न और तृप्त होकर अपने लोक वापस लौट जाते हैं. सर्व पितृ अमावस्या पर कई मंगलकारी संयोग भी बनने जा रहे हैं और साथ ही ग्रहण का साया भी रहने वाला है.

सर्व पितृ अमावस्या ( Sarva Pitru Amavasya) शुभ मुहूर्त

सर्व पितृ अमावस्या की शुरुआत – 21 सितंबर को देर रात 12:16 मिनट पर होगी.
सर्व पितृ अमावस्या का समापन – 22 सितंबर को देर रात 01:23 मिनट पर होगा.
सर्व पितृ अमावस्या का स्नान-तर्पण – 21 सितंबर को दिन में.

सर्व पितृ अमावस्या पितृ ( Sarva Pitru Amavasya) तर्पण टाइम

सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध और तर्पण के लिए शुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं, जिनमें आप पितरों का तर्पण कर सकते हैं:-

कुतुप मूहूर्त – 11:50 मिनट से लेकर दोपहर 12:38 मिनट तक.
रौहिण मूहूर्त – दोपहर 12:38 मिनट से लेकर दोपहर 01:27 मिनट तक.
अपराह्न बेला – दोपहर 01:27 मिनट से लेकर 03-53 मिनट तक.

Tags: sarva pitru amavasya
Previous Post

जानें सपने में सांप दिखना शुभ होता है या अशुभ

Next Post

सर्वपितृ अमावस्या: पितरों को इस विधि से करें विदा, पूरे कुल की मिलेगा आशीर्वाद

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

होमगार्ड्स के 41,424 पदों का अंतिम चयन परिणाम जारी

03/10/2026
Main Slider

“विकास भी, विरासत भी और जनसुविधा भी—धामी सरकार ने तेज की शहरों को संवारने की कवायद”

03/10/2026
Main Slider

विकास के साथ अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर रहा उत्तराखण्डः सीएम धामी

03/10/2026
Main Slider

धन के अभाव में किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी: सीएम योगी

03/10/2026
Main Slider

नवरात्र-दिवाली में ‘भारत टैक्सी’ आसान करेगी यूपी का सफर

03/10/2026
Next Post
ancestors

सर्वपितृ अमावस्या: पितरों को इस विधि से करें विदा, पूरे कुल की मिलेगा आशीर्वाद

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें

Sharadiya Navratri

शारदीय नवरात्रि कब से शुरू, नोट करें कलश स्थापना की सामग्री लिस्ट

25/09/2024
Nand Gopal Gupta Nandi

नंद गोपाल नंदी को मिली जान से मारने की धमकी, मचा हड़कंप

05/05/2023
Atishi Marlena

पीएम को नहीं है अपने MLA’s पर भरोसा…, दिल्ली के नए सीएम को लेकर आतिशी ने ली चुटकी

17/02/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version