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अंतरिक्ष : गगनयान मिशन में ग्रीन प्रोपल्सन का इस्तेमाल करेगा ISRO

Desk by Desk
27/12/2020
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चेन्नई। इसरो अपने महात्वाकांक्षी बहुप्रतिक्षित गगनयान मिशन के लिए ग्रीन प्रोपल्सन तैयार कर रहा है। गगनयान मिशन में भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजेगा। ग्रीन प्रोपल्सन के जरिये भारत प्रदूषण मुक्त लींचिंग के प्रयास करेगा। इस बड़े मिशन रॉकेट के सभी चरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। वैज्ञानिक सिवन ने कहा, छात्रों को बताया कि वे अपने जीवन में आकलनबद्ध जोखिम लें, इससे वे पूरी तरह से विफलता से बच सकेंगे।

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भारत में आर्थिक तरक्की की रफ्तार बढ़ रही है, बढ़ रही गतिविधियों में जरूरी है कि हम प्रदूषण मुक्त ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि इसरो ने प्रदूषण मुक्त लीथियम-आयन बैट्री बनाई है। यह बैट्री इलेक्टि्रक वाहनों में इस्तेमाल के लिए उपयुक्त है। पर्यावरण सुरक्षा के दृष्टिगत ही इसरो अपने गगनयान मिशन में ग्रीन प्रोपल्सन की तैयारी कर रहा है। इसमें चार स्तरों वाला ईंधन से भरा रॉकेट होता है। इसी से धक्का देकर सेटेलाइट को अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचाया जाता है और उसमें घूमने के लिए दाखिल किया जाता है।

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दूसरा जियो स्टेशनरी लांच वेहिकिल होता है, इसमें तीन स्तरीय रॉकेट होता है। यह जानकारी इसरो के चेयरमैन के सिवन ने दी है। वह एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 16 वें दीक्षा समारोह में बोल रहे थे। इसमें प्रदूषण मुक्त रॉकेट प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। भविष्य की सेटेलाइट लांचिंग में ग्रीन प्रोपल्सन के इस्तेमाल की योजना है। इसरो के अनुसार पोलर सेटेलाइट लांच वेहिकिल सेटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने का वैज्ञानिकों का विश्वसनीय जरिया है।

Tags: Gaganyaangreen propulsion systemsISROISRO developing green propulsion systems for Gaganyaan rocketnationalNational News national news hindi newsNEWSइसरोगगनयान
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