• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

साल के पहले चंद्रग्रहण पर सूतक काल नहीं होगा मान्य..

Desk by Desk
24/05/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Sutak period will not be valid on first lunar eclipse of the year

Sutak period will not be valid on first lunar eclipse of the year

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

बुद्ध पूर्णिमा के दिन 26 मई को इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। भारत में यह उपछाया चंद्रग्रहण है। उपछाया चंद्रग्रहण के दौरान सूतक काल नहीं माना जाता है। सूतक काल न होने से इस दौरान सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं, मंदिर के कपाट भी बंद नहीं होते हैं। उपछाया चंद्रग्रहण दोपहर 2:18 बजे शुरू होकर शाम 7:19 पर समाप्त होगा।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि आंशिक चंद्रग्रहण का बहुत अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लग रहा है। वृश्चिक राशि में चंद्रमा नीच का होता है और चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। ग्रहण के प्रभाव से वृश्चिक राशि के लोगों को मानसिक तनाव हो सकता है। इस दिन उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अन्य राशियों को मिश्रित फल देगा।

भारत में Realme का ये दमदार फोन 31 मई को देगा दस्तक, जाने फीचर्स

दूध और अनाज का करें दानवृश्चिक राशि वाले और जिनका भी चंद्रमा कमजोर हैं वह ग्रहण काल में शिव और चंद्रमा के मंत्र का जाप करें। ग्रहण के बाद दूध, चावल और अनाज का दान करें। यह बेहद लाभकारी साबित होगा। उपछाया चंद्रग्रहण का नहीं होता धार्मिक असरपृथ्वी जब सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है तो इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है। चंद्रमा जब पृथ्वी की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपछाया से ही लौट जाता है तो वह उपछाया चंद्रग्रहण कहलाता है। उपछाया चंद्रग्रहण का कोई धार्मिक असर मान्य नहीं है। इस दौरान मंदिर के कपाट भी बंद नहीं होते हैं।

 

Tags: first lunar eclipseLunar eclipseSutak period
Previous Post

भारत में Realme का ये दमदार फोन 31 मई को देगा दस्तक, जाने फीचर्स

Next Post

भारत के इन शहरों में पूर्ण चंद्र ग्रहण का आंशिक चरण देगा दिखाई

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

Delhi Train Cancelled:10 अक्टूबर को दिल्ली की 28 ट्रेनें रद्द, सफर से पहले यहां देखें पूरी लिस्ट

09/10/2026
Internet
Main Slider

जंतर-मंतर के 4 KM दायरे में इंटरनेट बंद, इन इलाकों में रहेगी पाबंदी

09/10/2026
Main Slider

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले UP पुलिस हाई अलर्ट, तीन जिलों से फोर्स दिल्ली रवाना

09/10/2026
Main Slider

हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पंजाब तैयार, CM मान ने सुविधाएं बेहतर बनाने के दिए निर्देश

09/10/2026
Main Slider

राष्ट्र की प्रगति को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे नवनिर्वाचित सदस्य: मुख्यमंत्री

09/10/2026
Next Post
Partial phase of full lunar eclipse will be seen in these cities of India

भारत के इन शहरों में पूर्ण चंद्र ग्रहण का आंशिक चरण देगा दिखाई

यह भी पढ़ें

bridge collapse

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे के पास निर्माणाधीन पुल टूटा, 2 की मौत

20/07/2022
PM Modi

3 जनवरी से शुरू होगा 15-18 वर्ष के बच्चों का वैक्सिनेशन : पीएम मोदी

25/12/2021
ITBP

ITBP में 10वीं पास वालों के लिए सुनहरा मौका, मिलेगी इतनी सैलरी

29/10/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version