चमोली। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पीपलकोटी पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने टीएचडीसी गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति, टनल की स्थिति और प्रभावित लोगों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने टनल में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए रेस्क्यू अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य में उपलब्ध सभी संसाधनों, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच बनाई जा सके।
धामी ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, जिला प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रेस्क्यू टीमों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च महत्व देने तथा टनल के भीतर की परिस्थितियों का लगातार आकलन करते हुए सावधानी के साथ अभियान आगे बढ़ाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने टनल के भीतर जल निकासी, मलबा हटाने और तकनीकी स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी नई चुनौती की स्थिति में विशेषज्ञ टीमों के साथ तत्काल समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मृतकों के परिजनों को शीघ्र सहायता, घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को नियमानुसार अनुमन्य मुआवजा एवं सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके उपचार की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
प्रशासन के अनुसार हादसे के बाद रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है। हादसे में सात लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया है।
बताया गया है कि टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीआरटी टनल करीब तीन किलोमीटर लंबी है और लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति बनी। बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत विभिन्न तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें जुटी हुई हैं।
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, सचिव आपदा विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
अब प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा फोकस टनल में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान में जुटी हैं।









