• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

यूपी के किसानों में बढ़ा केले की खेती का क्रेज

Writer D by Writer D
07/10/2024
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
UP farmers will earn more from bananas

UP farmers will earn more from bananas

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। कम समय की नकदी फसल और पूरे साल मांग बनी रहने के नाते उत्तर प्रदेश के किसानों को केले (Banana) की खेती खूब रास आ रही है। प्रदेश के पूर्वांचल, अवध आदि क्षेत्रों के कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, महाराजगंज, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, प्रतापगढ़, अमेठी, कौशाम्बी, सीतापुर और लखीमपुर जिलों में केले की खेती होती है।

योगी सरकार से मिलने वाली मदद से किसानों को खूब भा रही केले (Banana) की खेती

योगी सरकार (Yogi Government) द्वारा केले (Banana) की प्रति हेक्टेयर खेती पर करीब 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। पारदर्शी तरीके से अनुदान पर मिलने वाले कृषि यंत्रों का वितरण और सिंचाई के अपेक्षाकृत प्रभावी ड्रिप और स्प्रिंकलर और सोलर पंप पर मिलने वाले अनुदान के नाते किसानों का क्रेज केले जैसी नकदी फसलों की ओर और बढ़ा है।

दक्षिण से उत्तर भारत तक केले (Banana) की यात्रा

परंपरागत रूप से केला (Banana) दक्षिण भारत की फसल है। पर, कुछ दशक पूर्व महाराष्ट्र के भुसावल और इसके आसपास के कुछ इलाकों में इसकी खेती शुरू हुई तो भुसावल और केला (चित्तीदार) एक दूसरे के पर्याय बन गए। देखते-देखते भुसावल का हरी छाल केला पूरे उत्तर भारत के बाजार में छा गया। करीब दो दशक पहले बिहार के नौगछिया के केले ने भुसावल के हरी छाल को लगभग बाजार से बाहर कर दिया। बिहार से सटे कुशीनगर के किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर रहे हैं।

भारत और उत्तर प्रदेश में केले (Banana) का उत्पादन

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ से मिले आंकड़ों के अनुसार पूरे भारत में लगभग 3.5 करोड़ मीट्रिक टन केले का उत्पादन होता है। देश में केले (Banana)  की फसल का रकबा करीब 9,61,000 हेक्टेयर है।

उत्तर प्रदेश में करीब 70,000 हेक्टेयर रकबे में केले (Banana)  की खेती हो रही है। कुल उत्पादन 3.172 लाख मिट्रिक टन और प्रति हेक्टेयर उपज 45.73 मिट्रिक टन है।

सिर्फ आर्थिक ही नहीं, धार्मिक और पोषण के लिहाज से भी केला (Banana) बेहद महत्वपूर्ण

केला (Banana) आर्थिक के साथ धार्मिक और पोषण के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। कोई भी धार्मिक अनुष्ठान केले और इसके पत्ते के बिना पूरा नहीं होता। केला रोज के नाश्ते के अलावा व्रत में भी खाया जाता है। केले के कच्चे, पके फल और तने से निकलने वाले रेशे से ढेर सारे सह उत्पाद बनने लगे हैं।

पूरे साल की उपलब्धता केले (Banana) को बाकी फलों से खास बनाता है

बाजार में मौसमी फलों की उपलब्धता सीजन के कुछ महीनों तक रहती है, लेकिन केला (Banana) उन चुनिंदा फलों में से है जो लगभग पूरे वर्ष उपलब्ध रहता है। अधिकांश फलों को खाने के लिए धोने, काटने की आवश्यकता होती है लेकिन केले को बिना किसी समस्या के छील कर भी खा सकते हैं।

केले (Banana) में मौजूद पोटैशियम हाई बीपी को नियंत्रित करने में मददगार

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के निदेशक टी. दामोदरन के अनुसार केला पोषण के लिहाज से भी खासा महत्त्वपूर्ण है। अन्य पोषक तत्वों के अलावा इसमें भरपूर मात्रा में पोटेशियम तो होता ही है, यह कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन बी-6 का भी अच्छा स्रोत है। पोटेशियम हृदय की सेहत, विशेष रूप से रक्तचाप प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। पोटेशियम युक्त आहार रक्तचाप को प्रबंधित करने और उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। यह हृदय रोग का जोखिम 27 फीसद तक कम कर सकता है।

एक केले (Banana) से मिल जाती है जरूरत की एक चौथाई विटामिन बी-6

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक प्रभात कुमार शुक्ला के अनुसार केले से प्राप्त विटामिन बी-6 आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाता है। एक मध्यम आकार का केला दैनिक विटामिन बी-6 की जरूरतों का लगभग एक चौथाई प्रदान कर सकता है। यह विटामिन लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन, कार्बोहाइड्रेट और वसा के चयापचय के लिए आवश्यक है। यह उन्हें ऊर्जा में बदलता है, यकृत और गुर्दे से अवांछित रसायनों को हटाता है, और एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र को बनाए रखता है।

Tags: agriculture newsfarming newskrishi samacharLucknow NewsYogi News
Previous Post

जेवर एयरपोर्ट पर एक्सपोर्ट हब स्थापित करेगी योगी सरकार, कृषि उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

Next Post

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाकर निवेशकों को नई सुविधाएं देगी योगी सरकार

Writer D

Writer D

Related Posts

Mukhyamantri Shikshak Suraksha Cashless Medical Scheme turns out to be a boon
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री शिक्षक सुरक्षा कैशलेस चिकित्सा योजना बनी वरदान, मात्र 10 दिनों में 142 शिक्षकों को मिला लाभ

18/07/2026
CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री योगी ने जापान के उदाहरण के साथ बच्चों को दिया आत्म अनुशासन व परिश्रम का मंत्र

18/07/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा- संस्कृत केवल भाषा नहीं, भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका

18/07/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

सोनम वांगचुक का अनशन भ्रम की राजनीति का जीता-जागता सबूत: केशव मौर्य

18/07/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा से समझौता नहीं, अफवाह फैलाने वालों पर करें सख्त कार्रवाई : सीएम योगी

18/07/2026
Next Post
CM Yogi

'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ाकर निवेशकों को नई सुविधाएं देगी योगी सरकार

यह भी पढ़ें

drowning

छठ पूजा के दौरान 53 लोगों की डूबने से मौत, सरकार ने 4 लाख का मुआवजा देने का किया ऐलान

02/11/2022
Bus Accident

योगी की सभा में शामिल होने आ रही बस दुर्घटनाग्रस्त, 20 से ज्यादा यात्री घायल

16/03/2024
Karwa Chauth

पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत, तो जान लीजिए इससे जुड़े जरूरी नियम

20/10/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version