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विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता: सीएम धामी

Writer D by Writer D
14/08/2023
in Main Slider, उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय
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CM Dhami

CM Dhami

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ऊधमसिंह नगर। मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी बंगाली को एससी का दर्जा मिलने के लिए पुनः केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

सोमवार को रुद्रपुर स्थित एक होटल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami)  ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में विभाजन का दंश झेलने वाले उनके परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऊधमसिंह नगर में बंगाली समुदाय के लिए विशिष्ट बंग भवन नाम से एक सामुदायिक भवन का निर्माण किए जाने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अपनी मातृ भाषा में पठन का प्रावधान है, बंगाली समुदाय भी अपनी भाषा में शिक्षा ले सकें, इस दिशा में कार्य किया जाएगा। बंगाली अनुसूचित जाति के समुदाय को उत्तराखंड में भी एससी का दर्जा मिल सके, इस संबंध में केंद्र को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की कमियों को दूर करते हुए पुनः केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि देश विभाजन के दिन एक ओर जहां हम 1947 को आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ। लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। भारत के लिए यह किसी विभीषिका से कम नहीं थी। वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ मनाने का निर्णय लिया। तब से यह दिन मनाया जा रहा है, जिससे हम अपने उन लाखों सेनानियों व परिवारजनों से बिछड़े लोगों के बलिदान को याद कर सके।

प्रदेश के प्राचीन धरोहर भवनों का कायाकल्प करेगी योगी सरकार

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि इस विभाजन में अपने प्राणों की आहूति देने वाले कई सेनानियों व अन्य लोगों का अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया था। यह दिन उन सभी सेनानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने भारत माँ के लिए बलिदान दिया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था।

उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें। विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने ही इस क्षेत्र के विकास की नींव रखी।

उन्होंने (CM Dhami) कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा समान नागरिक संहिता को जल्द ही राज्य में लागू किया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाने का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री (CM Dhami) विभाजन के दौरान बलिदान हुए लोगों की आत्मिक,शांति व श्रद्धांजलि के लिए आयोजित हवन यज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका पर आधारित लघु फिल्म व बंगाली संस्कृति पर आधारित स्टालों का भी उन्होंने अवलोकन किया।

सीएए से देश वापस लौटे लोगों का रास्ता आसान हुआ : अजय भट्ट

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि आजादी के दौरान बड़े स्तर पर लोगों का पलायन हुआ। विभाजन के दौरान हमारे पूर्वजों ने कष्ट सहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सीएए, लाई, इससे सालों पहले अपने देश वापस लौटे लोगों को नागरिकता मिलने का रास्ता आसान हुआ है। यह भारत की धर्म निरपेक्षता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बंगाल से अपने देश वापस लौटे लोगों के प्रमाण पत्रों से पूर्वी पाकिस्तान शब्द को हटाए जाने का कार्य भी हुआ है। पूर्वी पाकिस्तान शब्द गुलामी का प्रतीक था जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।

Tags: cm dhamiUttarakhand Newsvinhajan vibhishika diwas
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