क्या नई कार (Car) खरीदना आपका सपना है? आज के समय में कार खरीदना एक बड़ा निवेश होता है, इसलिए जहां भी बचत हो सके, वह करना जरूरी है. आमतौर पर लोग कार अपने नाम पर रजिस्टर कराते हैं या खुद लोन लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर कार पत्नी के नाम पर रजिस्टर कराई जाए या लोन उनके नाम से लिया जाए, तो कई बड़े फायदे मिल सकते हैं? आइए जानते हैं कैसे.
रोड टैक्स में बड़ी बचत
भारत के कई राज्यों में महिला के नाम पर वाहन रजिस्टर कराने पर रोड टैक्स में 2% से 10% तक की छूट मिलती है. कुछ राज्यों में यह छूट 20% तक भी हो सकती है. जैसे कर्नाटक में महिला के नाम पर कार रजिस्ट्रेशन कराने पर रोड टैक्स में 10% की छूट मिलती है. अगर 15 लाख रुपये की कार पर रोड टैक्स 2 लाख रुपये से ज्यादा है, तो इसमें 20,000 से 40,000 रुपये तक की बचत हो सकती है.
कार लोन (Car Loan) पर कम ब्याज दर
बैंक और फाइनेंस कंपनियां महिलाओं के लिए अलग-अलग योजनाओं के तहत कार लोन पर 0.25% से 0.50% तक कम ब्याज लेती हैं. अगर 20 लाख रुपये का लोन 7 साल के लिए लिया जाए, तो इससे करीब 50,000 से 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है. अगर पत्नी की अपनी कमाई है, तो जॉइंट लोन लेने पर टैक्स में अतिरिक्त फायदा भी मिल सकता है.
इनकम टैक्स में छूट (धारा 80C और 24B)
पत्नी के नाम पर कार लोन (Car Loan) लेने से टैक्सपेयर्स को लोन के मूलधन पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है. वहीं ब्याज पर धारा 24B के तहत 2 लाख रुपये तक की कटौती का फायदा लिया जा सकता है. अगर पत्नी भी इनकम दिखाती हैं, तो दोनों को टैक्स में फायदा मिल सकता है.
इंश्योरेंस में भी छूट
कुछ इंश्योरेंस कंपनियां महिला ड्राइवरों को प्रीमियम पर 5% से 10% तक की छूट देती हैं, क्योंकि आंकड़ों के मुताबिक महिलाएं कम एक्सीडेंट में शामिल होती हैं. कार खरीदते समय यह ध्यान रखें कि रजिस्ट्रेशन में पत्नी को प्राइमरी ओनर बनाया जाए और लोन भी उनके नाम पर ही हो. उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और अगर वे कमाती हैं, तो जॉइंट लोन लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. रोड टैक्स में मिलने वाली छूट राज्य के हिसाब से अलग-अलग होती है, इसलिए स्थानीय RTO से जानकारी जरूर लें. इन बातों का ध्यान रखकर पत्नी के नाम पर कार खरीदना न सिर्फ पैसे की बचत करता है, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देता है.









