• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

विस में व्यापक चर्चा के बाद उत्तराखंड में लागू होगा यूसीसी: धामी

Writer D by Writer D
02/02/2024
in Main Slider, उत्तराखंड, राजनीति, राष्ट्रीय
0
CM Dhami

CM Dhami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नयी दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने शुक्रवार को कहा कि राज्य विधानसभा में व्यापक चर्चा के बाद समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया जाएगा।

श्री धामी (CM Dhami)ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए इस आशय की बात कही। उन्होंने कहा कि यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति की ओर से इसका ड्राफ्ट उन्हें सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि 740 पृष्ठों की चार वोल्यूम में तैयार की गई इस विस्तृत ड्राफ्ट रिपोर्ट को पांच फरवरी से आयोजित हो रहे राज्य विधान सभा के सत्र में सभी दलों के सदस्यों के साथ व्यापक चर्चा एवं विचार विमर्श के बाद, अधिनियम के रूप में तैयार कर राज्य में लागू कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमने 2022 के विधान सभा चुनाव में प्रदेश की जनता से वायदा किया था कि चुनाव के बाद राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया जायेगा। प्रदेश की देवतुल्य जनता ने इसके लिये पूर्ण बहुमत की सरकार राज्य में बनाकर अपना समर्थन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमने सरकार गठन के तुरंत बाद ही पहली कैबिनेट की बैठक में ही समान नागरिक संहिता बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्णय लिया था और 27 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई।

समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति ने ड्राफ्ट सीएम धामी को सौंपा

श्री धामी (CM Dhami) ने बताया कि समिति में सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० सुरेखा डंगवाल एवं समाजसेवी मनु गौड़ को सम्मिलित किया गया। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा दो उप समितियों का गठन भी किया गया। जिसमें से एक उपसमिति का कार्य “संहिता“ का प्रारूप तैयार करने का था। दूसरी उपसमिति का कार्य प्रदेश के निवासियों से सुझाव आमंत्रित करने के साथ ही संवाद स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा देश के प्रथम गांव माणा से जनसंवाद कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए प्रदेश के सभी जनपदों में सभी वर्ग के लोगों से सुझाव प्राप्त किये गये। इस दौरान कुल 43 जनसंवाद कार्यक्रम किये गये।

उन्होंने (CM Dhami) कहा कि समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिये समाज के हर वर्ग से सुझाव आमंत्रित करने के लिये आठ सितम्बर 2022 को एक वेब पोर्टल लॉन्च करने के साथ ही राज्य के सभी नागरिकों से एसएमएस और वाट्सअप मैसेज द्वारा सुझाव आमंत्रित किये गये। समिति को विभिन्न माध्यमों से 2.33 लाख सुझाव प्राप्त हुए। जो कि प्रदेश के लगभग 10 प्रतिशत परिवारों के बराबर है। लगभग 10 हजार लोगों से संवाद एवं प्राप्त लगभग दो लाख 33 हजार सुझावों का अध्ययन करने हेतु समिति की 72 बैठकें आहूत की गई।

श्री धामी (CM Dhami) ने कहा कि सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन और परीक्षण कर यथाशीघ्र उत्तराखंड राज्य के लिये समान नागरिक संहिता कानून का प्रारूप तैयार कर संबंधित विधेयक को आगामी विधान सभा के विशेष सत्र में रखेगी। इस कानून को लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड गंगा, यमुना का उद्गम स्थल होने के साथ भगवान श्री बद्रीनाथ, बाबा केदार, आदि कैलाश की पावन भूमि है। इस देवभूमि से तैयार होने वाला यह विधेयक प्रदेश हित के साथ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ तथा सबका साथ, सबका विकास के प्रधानमंत्री श्री मोदी के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

उन्होंने (CM Dhami) कहा कि यह किसी के भी विरोध के लिये नही लाया गया है। हम प्रदेश की जनता से किये गये वादे के अनुरूप इस दिशा में आगे बढे है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्य भी इस दिशा में निश्चित रूप से आगे बढेंगे। भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में इसकी व्यवस्था भी स्पष्ट है।

Tags: cm dhamidehradun newsNational newsuniform civil codeUttarakhand News
Previous Post

समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति ने ड्राफ्ट सीएम धामी को सौंपा

Next Post

सौर ऊर्जा से रोशन हुयी रामजी की अयोध्या

Writer D

Writer D

Related Posts

Deepotsav
Main Slider

दीपोत्सव-2026 से पहले अयोध्या में UPSTDC की सौगात, छह घंटे में होंगे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन

30/10/2026
उत्तराखंड

ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड को बड़ी कामयाबी, त्यूणी-प्लासू प्रोजेक्ट को मिली वन स्वीकृति

30/10/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में 12 साल में 2.25 लाख करोड़ की योजनाएं, CM धामी ने गिनाईं उपलब्धियां

30/10/2026
उत्तराखंड

चमोली हेलीकॉप्टर हादसे पर CM धामी ने जताया गहरा शोक, दुर्घटना की जांच के दिए निर्देश

30/10/2026
Main Slider

बदरीनाथ से फाटा लौट रहा हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 की मौत; CM धामी ने जताया दुख

30/10/2026
Next Post
Solar City

सौर ऊर्जा से रोशन हुयी रामजी की अयोध्या

यह भी पढ़ें

चंबल नदी में नाव पलटी 7 लोगों की मौत

चंबल नदी में नाव पलटने से 7 लोगों की मौत, डेढ़ दर्जन से ज्यादा लापता

16/09/2020

Oops moment: ईशा गुप्ता सिर्फ कोट पहन कर पहुंचीं फॉर्मूला 1 देखने, हुई ट्रोल

12/12/2021
Shri Ram

भगवान राम के इन मंत्रों का करें जाप, हर समस्या होगी हल

29/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version