• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

उत्पन्ना एकादशी कब है, नोट करें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Writer D by Writer D
22/11/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Jaya Ekadashi

Jaya Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। उत्पन्ना एकादशी का व्रत मार्गशीर्ष मास (अगहन) के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और सभी पापों का नाश होता है। साल 2024 में यह तिथि नवंबर के महीने में है, लेकिन इसको लेकर संशय बना हुआ है कि, उत्पन्ना एकादशी का व्रत 26 नवंबर को रखा जाएगा कि 27 नवंबर को। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि उत्पन्ना एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा। इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब है और किस विधि से आपको इस दिन पूजा करनी चाहिए।

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) की सही तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी का व्रत मार्गशीर्ष माह की एकादशी तिथि को रखा जाता है। साल 2024 में इस तिथि की शुरुआत 26 नवंबर की सुबह 1 बजकर 1 मिनट (25 नवंबर की रात्रि) पर होगी वहीं इसका समापन 27 नवंबर की देर सुबह 3 बजकर 47 मिनट (26 नवंबर की देर रात) पर होगा। यानि उदयातिथि के अनुसार, एकादशी तिथि 26 नवंबर को ही रहेगी, इसलिए उत्पन्ना एकादशी का व्रत 26 नवंबर को ही रखा जाएगा।

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

उत्पन्ना एकादशी के दिन सुबह 5 बजकर 5 मिनट से पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू होगा और लगभग 6 बजे तक आप ब्रह्म मुहूर्त की पूजा कर सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं जो लोग सुबह के समय पूजा न कर पाएं वो सुबह 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में उत्पन्ना एकादशी की पूजा कर सकते हैं। वहीं एकादशी व्रत का पारण आप 27 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 12 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट के बीच कर सकते हैं।

उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) व्रत की पूजा विधि

व्रत का संकल्प:

एकादशी का व्रत रखने वालों को एक दिन पहले यानि दशमी तिथि से ही सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इसके बाद एकादशी तिथि की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

पूजा सामग्री:

– पूजा स्थल के लिए भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर
– तुलसी के पत्ते (इन्हें एकादशी तिथि से पहले ही तोड़ लें)
– अक्षत (अटूट चावल)
– दीपक, धूप, अगरबत्ती
– गंगाजल, फल और फूल
-पंचामृत (दही, घी, दूध, शहद, और शक्कर)

पूजा विधि:

– प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल की भी सफाई करें। इसके बाद भगवान विष्णु का आसन स्थापित करें।
– गंगाजल से भगवान विष्णु का जलाभिषेक करें।
– इसके बाद भगवान को पीले वस्त्र अर्पित करें।
– तुलसी दल, फूल, अक्षत, और फल पूजा के दौरान आपको भगवान विष्णु को अर्पित करने चाहिए।
– दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
– इसके बाद भगवान विष्णु को भोग लगाएं और अंत में आरती करें।
– व्रत रखने वालों को दिनभर उपवास का पालन करना चाहिए। हालांकि, नियमित मात्रा में फलाहार इस दिन किया जा सकता है।
– रात में भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करें और संभव हो तो जागरण करें।

व्रत का पारण:

अगले दिन (द्वादशी) को सूर्योदय के बाद एकादशी का पारण आपको करना चाहिए। व्रत का पारण आप आंवला, खीर आदि खाकर कर सकते हैं।
व्रत के पारण के साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराना और यथासंभव दान करना भी शुभ माना जाता है।
उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा भक्तों को प्राप्त होती है। साथ ही आपकी मनोकामनाओं को भी भगवान विष्णु पूरा करते हैं। इस दिन व्रत रखने वालों को पारिवारिक जीवन में भी सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Tags: Utpanna EkadashiUtpanna Ekadashi DateUtpanna Ekadashi muhuratutpanna ekadashi puja
Previous Post

काल भैरव जयंती के दिन न करें ये गलतियां, रूठ जाएगी किस्मत

Next Post

ग्रहों के राजकुमार इस दिन होंगे वक्री, इन राशियों के जीवन में मचेगा उथल-पुथल

Writer D

Writer D

Related Posts

Ceiling Fan
फैशन/शैली

चुटकियों में साफ हो जाएगी सीलिंग फैन पर जमा गंदगी, बहुत काम का है ये हैक्स

27/09/2026
Lipstick
फैशन/शैली

लिपस्टिक लगाते समय न करें ये गलतियां

27/09/2026
Hair Wash
Main Slider

इस दिन नहीं धोने चाहिए बाल, घर में आती है दरिद्रता

27/09/2026
Dark chocolate milkshake
फैशन/शैली

बच्चों के लिए बनाएं डार्क चॉकलेट मिल्क शेक, खुशी से उछल जाएंगे

27/09/2026
men fashion
फैशन/शैली

पुरुषों के बैग में ये चीजे होनी ही चाहिए

27/09/2026
Next Post
Budh Dev

ग्रहों के राजकुमार इस दिन होंगे वक्री, इन राशियों के जीवन में मचेगा उथल-पुथल

यह भी पढ़ें

Child stolen

मथुरा रेलवे स्टेशन से चोरी बच्चा भाजपा पार्षद ने दो लाख रुपये में खरीदा था

30/08/2022
Bada Mangal

ज्येष्ठ मास में कब-कब है बड़ा मंगल? जानें महत्व

03/05/2025
पीएसी के 44 जवान कोरोना पॉजिटिव

मिस्र में कोरोना के 167 नये मामले दर्ज, संक्रमितों की संख्या 1 लाख के करीब

09/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version