• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब से शुरू हो रहा है चातुर्मास, जानें इस माह में क्या करें और क्या नहीं?

Writer D by Writer D
30/06/2025
in धर्म, Main Slider, फैशन/शैली
0
Chaturmas

Chaturmas

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

चातुर्मास (Chaturmas) में भगवान विष्णु विश्राम करते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद विष्णु फिर से सृष्टि का भार संभाल लेते हैं। देवप्रबोधनी एकादशी तक भगवान विष्णु विश्राम करेंगे इस दौरान शिवजी सृष्टि का संचालन करेंगे इन दिनों में शिव जी और विष्णु जी की पूजा करनी चाहिए। चातुर्मास (Chaturmas) के दौरान भगवान विष्णु और शिव का अभिषेक करना चाहिए। विष्णु को तुलसी तो शिव को बिल्वपत्र चढ़ाने चाहिए साथ ही ऊँ विष्णवे नम: और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। इन दिनों में भागवत कथा सुनने का विशेष महत्व है साथ ही जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करना चाहिए।

कब से शुरू हो रहा है चातुर्मास (Chaturmas) –

दृक पंचांग के अनुसार, इस साल 6 जुलाई से चातुर्मास (Chaturmas) का आरंभ हो रहा है और 1 नवंबर 2025 को इसका समापन होगा। मान्यता है कि इस अवधि में विष्णुजी निद्रा योग में रहते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं।

मांगलिक कार्यों की होती है मनाही

सनातन धर्म में चातुर्मास (Chaturmas) के दौरान मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनहार कहा जाता है। श्रीहरि के विश्राम अवस्था में चले जाने के बाद मांगलिक कार्य जैसे- विवाह, मुंडन, जनेऊ आदि करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान मांगलिक कार्य करने से भगवान का आशीर्वाद नहीं प्राप्त होता है। शुभ कार्यों में देवी-देवताओं का आवाह्न किया जाता है। भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं, इसलिए वह मांगलिक कार्यों में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जिसके कारण इन महीनों में मांगलिक कार्यों पर रोक होती है।

चातुर्मास (Chaturmas) में क्या करें-

चातुर्मास (Chaturmas) में गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना शुभ होता है। इसके साथ ही चातुर्मास में विष्णुजी, माता लक्ष्मी के साथ शिव-गौरी और गणेशजी की विधिवत पूजा-आराधना करना चाहिए।

चातुर्मास (Chaturmas) में क्या न करें-

चातुर्मास (Chaturmas) में शादी-विवाह, सगाई और मुंडन समेत सभी मांगलिक कार्यों को वर्जित माना गया है। इसके साथ ही इस माह में नई प्रॉपर्टी खरीदना या गृह-प्रवेश करने से बचना चाहिए।

Tags: Chaturmas
Previous Post

गुरु पूर्णिमा के दिन न करें ये गलतियां, मां लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

Next Post

चारधाम यात्रा पर प्रतिबंध आयुक्त ने लिया वापस

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

बीसी खंडूड़ी की अंत्येष्टि में शामिल हुए धामी, अर्थी को दिया कंधा, राज्य में 3 दिनों का राजकीय शोक

20/05/2026
Rahul Gandhi
Main Slider

राहुल गांधी का PM नरेंद्र मोदी पर तंज- आर्थिक तूफान सिर पर, PM इटली में टॉफी बांट रहे

20/05/2026
Gorakhpur's main roads will be brightened with a new glow
Main Slider

नई आभा से निखरेंगे गोरखपुर के मुख्य मार्ग, होगा सौंदर्यीकरण

20/05/2026
Sharad Pawar
Main Slider

देश की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं प्रधानमंत्री… शरद पवार ने की पीएम मोदी की तारीफ

20/05/2026
Pradeep Mishra
Main Slider

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले विवाद, VIP एंट्री को लेकर भिड़े समर्थक

20/05/2026
Next Post
Chardham Yatra

चारधाम यात्रा पर प्रतिबंध आयुक्त ने लिया वापस

यह भी पढ़ें

WhatsApp: जल्द होगी जॉइन ग्रुप मिस्ड कॉल और फेस अनलॉक फीचर की एंट्री

26/10/2020
पीएम मोदी के चुनाव प्रस्तावक

पीएम मोदी के चुनाव प्रस्तावक का वाराणसी में निधन, सीएम योगी ने जताया शोक

25/08/2020
अयोध्या में सुरक्षा बढ़ी

राम मंदिर भूमि पूजन : पीएम मोदी के अयोध्या आगमन पर अभूतपूर्व सुरक्षा के इंतजाम

31/07/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version