हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। दीपक की लौ को ज्ञान, प्रकाश और शुभता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के समय दीपक जलाने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है और नकारात्मकता दूर होने की मान्यता है।
खास तौर पर मिट्टी के दीपक को पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पवित्र माना जाता है। यही वजह है कि घर के मंदिर से लेकर त्योहारों और विशेष पूजन तक मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल किया जाता है। मान्यता है कि दीपक खरीदने के लिए भी कुछ दिन शुभ माने जाते हैं।
इन दिनों दीपक खरीदना माना जाता है शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार, गुरुवार, रविवार, सोमवार और पूर्णिमा को नया दीपक खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग दिनों का संबंध अलग देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ा जाता है।
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। इसलिए इस दिन दीपक खरीदने को धन, वैभव और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।
गुरुवार भगवान विष्णु और बृहस्पति देव से संबंधित माना जाता है। इस दिन दीपक खरीदना घर में शांति और सकारात्मक वातावरण के लिए शुभ माना जाता है।
रविवार सूर्यदेव को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन पीतल या तांबे का दीपक खरीदना भी शुभ माना जाता है और इसे ऊर्जा व आत्मविश्वास से जोड़ा जाता है।
सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन पूजा का दीपक खरीदने को मानसिक शांति और पारिवारिक सुख से जोड़कर देखा जाता है।
वहीं पूर्णिमा के दिन खरीदा गया दीपक मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और सत्यनारायण पूजा में इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
कब दीपक खरीदने से बचने की मान्यता है?
कुछ धार्मिक परंपराओं में अमावस्या, मंगलवार और शनिवार को नया दीपक खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अमावस्या पर दीपक जलाना कई परंपराओं में शुभ माना जाता है, लेकिन इस दिन नई वस्तु खरीदने को लेकर अलग मान्यताएं हैं।
इसी तरह शनिवार को शनि देव के सामने तेल का दीपक जलाने की परंपरा है, लेकिन नया दीपक खरीदने को लेकर कुछ मान्यताओं में सावधानी बरतने की बात कही गई है। विशेष धार्मिक उपाय या परंपरा होने पर नियम अलग हो सकते हैं।
दीपक खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
पूजा के लिए दीपक खरीदते समय उसकी स्थिति जरूर देखनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार टूटा, चटका या क्षतिग्रस्त दीपक पूजा के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
मिट्टी के दीये के अलावा पीतल और तांबे के दीपक भी पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, किस धातु या किस तरह के दीपक का प्रयोग करना है, यह पूजा की परंपरा और परिवार की धार्मिक मान्यता पर भी निर्भर करता है।









