• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मुश्किल घड़ी में ‘अभिभावक’ बनी योगी सरकार, वाराणसी के 11,219 परिवारों को 191 करोड़ से अधिक की मदद

Writer D by Writer D
30/09/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, गोरखपुर
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वाराणसी: बीमारी जब दरवाजे पर दस्तक देती है, तो सिर्फ शरीर नहीं, पूरा घर टूटने लगता है। जमा-पूंजी खत्म होती है, कर्ज का बोझ बढ़ता है और कई बार अपने भी हाथ खड़े कर देते हैं। ऐसे कठिन वक्त में योगी सरकार एक संवेदनशील अभिभावक की तरह जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी दिख रही है। वाराणसी में मई 2017 से 8 सितंबर 2026 तक मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 11,219 लाभार्थियों को 191 करोड़ 11 लाख 58 हजार 416 की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह मदद इलाज की राह में खड़ी पैसों की दीवार को गिराकर परिवारों को नई उम्मीद दे रही है।

संकट में सरकार का बड़ा सहारा-

गंभीर बीमारी या आकस्मिक दुर्घटना के समय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने इलाज का खर्च जुटाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। दवाएं, जांच, ऑपरेशन, अस्पताल में भर्ती और उसके बाद की देखभाल का खर्च कई बार परिवार को कर्ज लेने या संपत्ति बेचने तक की स्थिति में पहुंचा देता है। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ-साथ सरकार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इससे परिवार अपने प्रियजनों का समय पर उपचार करा पा रहे हैं। आकस्मिक दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में भी सरकार त्वरित मदद देकर परिवारों का संकट कम करने का प्रयास कर रही है। अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) विनय कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में मई 2017 से 8 सितंबर 2026 तक कोष से कुल 11,219 लाभार्थियों को 1,91,11,58,416  रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि यह सहायता गंभीर बीमारी और आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

बीमारी और आर्थिक लड़ाई में खड़ी योगी सरकार-

मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज, आकस्मिक दुर्घटना या परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु की स्थिति में पीड़ित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाता है। जिन परिवारों की आय किसी एक सदस्य पर निर्भर होती है, उनके लिए यह व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह सहायता केवल गंभीर बीमारियों तक सीमित नहीं है। आकस्मिक दुर्घटना अथवा अन्य गंभीर परिस्थितियों में भी पात्र जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

समय पर मदद, यही असली राहत-

जिला प्रशासन का जोर इस पर है कि सहायता पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। आवेदन, सत्यापन, संस्तुति और स्वीकृति की प्रक्रिया जितनी सरल और समयबद्ध होगी, मदद का असर उतना ही बड़ा होगा। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पात्र जरूरतमंदों को सरकार की इस महत्वपूर्ण व्यवस्था का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए, ताकि संकट की घड़ी में उन्हें आवश्यक राहत मिल सके।

जिनकी जिंदगी में लौटी उम्मीद-

केस-1: जैतपुरा के बुनकर परिवार को मिला सहारा

जैतपुरा के बुनकर परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उनके 54 वर्षीय पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। सरकार से मदद मांगी तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से तुरंत आर्थिक सहायता मिल गई। इससे पिता का इलाज हो सका और उनकी जान बच गई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह मदद बहुत बड़ा सहारा है।

केस-2: ऑपरेशन सफल, पत्नी की सेहत में सुधार

पिंडरा तहसील के पुआरी कला गांव के ऑटो चालक अरविंद कुमार की पत्नी शिल्पी ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित हैं। ऑपरेशन और उपचार का खर्च परिवार की क्षमता से बाहर था। कोष से मिली सहायता से ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो गया और अब शिल्पी की सेहत में सुधार हो रहा है। अरविंद ने कहा कि सरकारी मदद से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

केस-3: उधार के इलाज को मिला ‘जीवन की डोर’ का सहारा

भोजूबीर निवासी एक किसान की पत्नी कैंसर से जूझ रही थीं। शुरुआत में परिवार ने उधार लेकर इलाज कराया, फिर कोष की जानकारी मिली और इलाज के लिए बड़ी आर्थिक मदद मिली। 47 वर्षीय मरीज के पति ने कहा कि यह सहायता न मिलती तो इलाज जारी रखना मुश्किल हो जाता। उनके लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष मुश्किल समय में सहारा और जीवन की डोर बन गया।

Tags: cm yogi
Previous Post

अखिलेश यादव के बिजली वाले बयान पर एके शर्मा का पलटवार, बोले- जब सत्ता में थे तब किसानों को बिजली-पानी क्यों नहीं दिया?

Next Post

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से रक्तदान की अपील की

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

डेयरी क्षेत्र में 22 कंपनियां करेंगी 695.18 करोड़ का निवेश

30/09/2026
Main Slider

महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर योगी ने किया गुरु को नमन

30/09/2026
उत्तर प्रदेश

‘लाल टोपी वालों के कारनामे भूली नहीं है यूपी की जनता’, अखिलेश पर अनिल राजभर का तीखा हमला

30/09/2026
Electricity Bill
Main Slider

योगी सरकार का उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा, लगातार चौथे महीने बिजली बिल में राहत

30/09/2026
AK Sharma
Main Slider

अखिलेश यादव के बिजली वाले बयान पर एके शर्मा का पलटवार, बोले- जब सत्ता में थे तब किसानों को बिजली-पानी क्यों नहीं दिया?

30/09/2026
Next Post

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से रक्तदान की अपील की

यह भी पढ़ें

The entire family was found dead

गोमती नदी में मिला युवक का शव, पुलिस ने की शिनाख्त

10/09/2022

लखनऊ विश्वविद्यालय नए सत्र से गर्भ संस्कार सहित 31 नए कोर्स किए जाएंगे शुरू

25/07/2020
शरद पवार Sharad Pawar

संविधान की सिफारिशों को लागू करना राज्यपाल की जिम्मेदारी : शरद पवार

14/03/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version