• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 441 परियोजनाओं की लागत में तय अनुमान से अधिक की वृद्धि

Desk by Desk
25/10/2020
in Categorized
0
Infrastructure sector

बुनियादी ढांचा क्षेत्र

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक के खर्च वाली 441 परियोजनाओं की लागत में तय अनुमान से 4.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी मिली है।

देरी और अन्य कारणों की वजह से इन परियोजनाओं की लागत बढ़ी है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं की निगरानी करता है। इन परियोजनाओं की देरी के कारणों में भूमि अधिग्रहण में विलंब, पर्यावरण व वन विभाग की मंजूरियां मिलने में देरी तथा बुनियादी संरचना की कमी प्रमुख हैं।

इनके अलावा परियोजना का वित्तपोषण, विस्तृत अभियांत्रिकी को मूर्त रूप दिये जाने में विलंब, परियोजनाओं की संभावनाओं में बदलाव, निविदा प्रक्रिया में देरी, ठेके देने व उपकरण मंगाने में देरी, कानूनी व अन्य दिक्कतें, अप्रत्याशित भू-परिवर्तन आदि जैसे कारक भी देरी के लिए जिम्मेदार हैं।

अगले सप्ताह बाजार में तेजी रहने की जताई संभावना

मंत्रालय की अगस्त, 2020 की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की 1,661 परियोजनाओं में से 441 की लागत बढ़ी है, जबकि 539 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, ”इन 1,661 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की मूल लागत 20,90,931.27 करोड़ रुपये थी, जिसके बढ़कर 25,26,063.76 करोड़ रुपये पर पहुंच जाने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि इनकी लागत मूल लागत की तुलना में 20.81 फीसद यानी 4,35,132.49 करोड़ रुपये बढ़ी है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त, 2020 तक इन परियोजनाओं पर 11,48,621.70 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जो कुल अनुमानित लागत का 45.47 फीसद है। हालांकि, मंत्रालय का कहना है कि यदि परियोजनाओं के पूरा होने की हालिया समयसीमा के हिसाब से देखें, तो देरी से चल रही परियोजनाओं की संख्या कम होकर 440 पर आ जाएगी। रिपोर्ट में 907 परियोजनाओं के चालू होने के साल के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

Tags: Infrastructure sectorprojectsreasons for delays in projectsपरियोजनाएंपरियोजनाओं में देरी का कारणबुनियादी ढांचा क्षेत्र
Previous Post

15 लोगों ने दो नाबालिग बहनों का छ दिन तक किया रेप, बनाया अश्लील वीडियो

Next Post

यस बैंक को चालू वित्त वर्ष की 130 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध का हुआ लाभ

Desk

Desk

Related Posts

Suresh Khanna
Categorized

योगी के मुख्यमंत्री बनते ही लागू हुआ ‘रूल ऑफ लॉ’, यूपी का पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदला : सुरेश खन्ना

28/09/2026
CM Dhami
Categorized

60 साल शासन करने वाली कांग्रेस देश विदेश मे फैला रही अफवाह : धामी

10/09/2026
forehead
Categorized

माथे के कालेपन को ये नुस्खे कर देंगे गायब

28/06/2026
Vishnu Paudel
Categorized

नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल अदालत में पेश, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बढ़ सकती है रिमांड

23/06/2026
CM Yogi
Categorized

दिल्ली अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक

03/06/2026
Next Post

यस बैंक को चालू वित्त वर्ष की 130 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध का हुआ लाभ

यह भी पढ़ें

राजस्व प्राप्तियों में बढ़ोत्तरी करने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारी फील्ड विजिट करें: सीएम योगी

28/03/2022
Chief Secretary Rajendra Kumar Tiwari

उप्र में निर्धारित 30 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य को पूरा करने के दिशा-निर्देश : तिवारी

31/05/2021
Alum

मुंह की बदबू को दूर करेगी फिटकरी, ऐसे करें इस्तेमाल

19/01/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version