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भारत के ऐसे 5 युवा शिक्षक जिनके नाम का डंका विदेशो में बजता है

Writer D by Writer D
06/10/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, लखनऊ, शिक्षा
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लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारत के एक प्राइमरी स्‍कूल  टीचर  को 1 मिलियन US डॉलर यानि 7 करोड़ भारतीय रुपए के ईनाम के ग्लोबल टीचर प्राइज अवार्ड से सम्‍मानित किया जा चुका है। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के परितेवाडी गांव के 32 वर्षीय रंजीत सिंह अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाने वाले की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। रंजीत सिंह एक IT इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचने के बाद उन्‍हें एहसास हुआ कि शायद वे गलत रास्‍ते पर हैं। उनके पिता ने उन्‍हें टीचिंग ट्रेनिंग करने का सुझाव दिया। रंजीत संकोच के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय गए और वहां पहुंचकर उनके जीवन को नई दिशा मिली। उन्होंने देखा कि शिक्षक दुनिया में वास्तविक बदलाव लाते हैं, और उन्‍होंने स्‍वयं एक टीचर बनने का फैसला कर लिया।

जिस स्कूल में उन्होंने शुरूआत में पढ़ाया, वह मवेशियों के शेड और एक गोदाम के बीच बनी जर्जर इमारत में था, इसके अतिरिक्त, छात्रों की पढ़ाई की प्राथमिक भाषा कनड़ नहीं थी, जिसका अर्थ था कि कई छात्र पढ़ने में असहज थे। काफी प्रयास के बाद, रंजीत ने स्‍वयं कनड़ सीखी और छात्रों के लिए ग्रेड 1-4 तक की सभी किताबों को फिर से डिज़ाइन किया। इन किताबों को उन्‍होंने यूनीक QR कोड के साथ डिज़ाइन किया जिससे ऑडियो कविताओं, वीडियो लेक्चर, कहानियों और असाइनमेंट्स को एम्बेड किया जा सके।

#आनंद कुमार:—

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार के गांव का नाम देवधा है, जो पटना से करीब 25 किलोमीटर दूर है. इस गांव को लोग जितना देवधा नाम से जानते हैं उससे ज्यादा आनंद के गांव के रूप में. आनंद कुमार सुपर 30 के संस्थापक हैं. आनंद कुमार गरीब छात्रों को IIT की फ्री में कोचिंग क्लास देते हैं. आनंद कुमार एक गणितज्ञ होने के साथ-साथ एक अच्छे Teacher भी हैं। आनंद कुमार जी एक ऐसे व्यक्ति है, जिन्होंने गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा देकर उनकी काबिलियत को समझा है । इनका मुख्य उद्देश्य है कि गरीब छात्रो को IIT JEE में प्रवेश के लिए तैयारी करना। IIT में हर छात्र प्रवेश पाने के लिए सपने देखता है ।इसी वजह से इनके जीवन पर न सिर्फ एक फिल्म बनी है बल्कि इनको कई सारे राष्ट्रीय सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।

#आरके श्रीवास्तव:—

1 रू गुरुदक्षिणा वाले आरके श्रीवास्तव ( रजनी कांत श्रीवास्तव) बिहार के जाने-माने शिक्षक एवं विद्वान हैं, मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर आरके श्रीवास्तव का जन्म बिहार राज्य के रोहतास जिले के बिक्रमगंज गांव में हुआ, अपने शुरुआती क्लासेज आरके श्रीवास्तव ने अपने मातृभूमि बिक्रमगंज से पढ़ाना प्रारम्भ किया ,आरके श्रीवास्तव ने अपने गांव के असहाय निर्धन सैकड़ो स्टूडेंट्स को निशुल्क शिक्षा देकर आईआईटी, एनआईटी , बीसीईसीई में सफलता दिलाया, आज ये सैकड़ो निर्धन स्टूडेंट्स अपने गरीबी को काफी पीछे छोड़ अपने सपने को पंख लगा रहे हैं।

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न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया के इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षा देने वाले स्टुडेंट्स के बीच एक चर्चित नाम है 1 रूपया में पढ़ाने वाला शिक्षक। कोरोना काल में जब सारे शैक्षणिक संस्थाए बंद था तब आरके श्रीवास्तव ने ऑनलाइन लगातार पूरी रात भार 8 से 12 घंटे लगातार क्लास लेकर स्टूडेंट्स के लिये मददगार सावित हुये, इनके मेहनत को पुरे दुनिया ने सलाम किया।

बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले आरके श्रीवास्तव देश में मैथेमैटिक्स गुरु के नाम से मशहूर हैं। खेल-खेल में जादुई तरीके से गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं।  आर्थिक रूप से सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुँचाकर उनके सपने को पंख लगा चुके हैं।

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इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ा चुके हैं। अन्य राज्यो के शैक्षणिक संस्थाएँ भी इन्हें गेस्ट फैकल्टी के रूप में अपने यहा शिक्षा देने के लिये बुलाते है। इनकी शैक्षणिक कार्यशैली की खबरें देश के प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुकी हैं, वर्ल्ड रिकॉर्डस में भी नाम दर्ज है, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

#खान सर:

जो भी छात्र आज सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं? वह खान सर के बारे में जरुर जानते होंगे आखिर  खान सर कौन है? खान सर कौन जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में इतने कम समय में कितना नाम कमा लिया है? खान सर के बारे में आज का आर्टिकल में हम जानेंगे कि कैसे उन्होंने अपनी सारी मुसीबतों को पार करते हुए एक नई शिक्षा का आंदोलन चलाया, जिसके जरिए वह बहुत से छात्रों के भविष्य को रोशन कर रहे हैं। खान सर पेशे से एक अध्यापक है. वर्तमान में खान सर एक यूट्यूब चैनल पर कोचिंग क्लासेज देते है इस चैनल का नाम Khan GS Research Centre है। इसके अलावा खान सर ऑफलाइन कोचिंग भी पढ़ाते हैं. इनकी कोचिंग अटेंड करने के लिए एक बार में लगभग 2000 से ज्यादा विद्यार्थी आते हैं।

#अलख पांडेय:

यूट्यूब सोशल मीडिया का वो प्लेटफॉर्म जो कई लोगों की सक्सेस का मंत्र बन रहा है, इसी यूट्यूब से भारत का एक लड़का अपने देश में तो फेमस हो ही गया लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी उसके लाखों फैन बन गए हैं। हम बात कर रहे हैं यूट्यूब के फिजिक्स वाले अलख पांडे की। जिन्होंने कम दिनो में देश-विदेश में अपनी पहचान बना ली है। यूपी के प्रयागराज के अलख पांडे ने अपने शानदार काम से पाकिस्तान के साथ- साथ में नेपाल, बांग्लादेश और सऊदी अरब के स्टूडेंट्स और युवा इनके फैन बन गए हैं। पेशे से अलख पांडे यूट्यूब पर फ्री फिजिक्स और केमिस्ट्री कोचिंग के वीडियो डालते हैं। एक तरह से अलख लाखों बच्चों को फिजिक्स और केमिस्ट्री की फ्री ऑनलाइन कोचिंग देते हैं।  अलख की पॉपुलरिटी का आइडिया आप इस बात से लगा सकते हैं कि उनके एक वीडियो पर करोड़ो व्यूज हैं। इसी के साथ अब अलख दुनिया के सबसे फेमस ऑनलाइन टीचरों में शामिल हो गए हैं। जेईई-मेन्स, जेईई-एडवांस्ड, इंजीनियरिंग एंटरेंस इग्जाम के साथ ही नीट, मेडिकल एंटरेंस की तैयारी करने वाले देश-दुनिया के औसतन 2 करोड़ 20 लाख स्टूडेंट हर महीने उनके वीडियो देखते हैं। अलख का फिजिक्स समझाने का जो तरीका है स्टूडेंटस उसे ज्यादा पसंद करते हैं

Tags: awsar trustLucknow News
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