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राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले सांसद अमर सिंह का निधन, जानें कुछ खास बातें

Desk by Desk
01/08/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, राष्ट्रीय, लखनऊ
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अमर सिंह का निधन

अमर सिंह का निधन

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नई दिल्ली। राज्य सभा सदस्य और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का शनिवार को 64 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार थे और सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसी अस्पताल से कुछ माह पहले उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया था। उसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन और उनके परिवार से माफी मांगी थी। अमर सिंह कभी राजनीति के चाणक्य कहे जाते थे।

जानें कैसे हुई थी अमर सिंह की  राजनीति में एंट्री?

कहा जाता है कि साल 1996 में फ्लाइट के दौरान अमर सिंह की तत्कालीन रक्षामंत्री मुलायम सिंह से मुलाकात हुई। जिसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश लिया था। हालांकि, इससे पहले भी वह मुलायम सिंह से मिल चुके थे, लेकिन इसके बाद ही मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी का महासचिव बनाने का फैसला किया।

समाजवादी पार्टी से राज्य सभा के सांसद चुने गए अमर सिंह को कथित रूप से पारिवारिक विवाद के बाद समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया। कहा जाता है कि उनको पार्टी से निकाले जाने में आजम खान और अखिलेश यादव की प्रमुख भूमिका रही।

हालांकि साल 2010 में मुलायम सिंह भी इनको पार्टी से निकाल चुके हैं, जिसके बाद इन्होंने राजनीतिक जीवन से कुछ समय के लिए संन्यास भी ले लिया था। लेकिन साल 2016 में इनकी फिर से समाजवादी पार्टी में वापसी हुई।

अमर सिंह को कहा जाता था फिल्म, राजनीति और बिजनेस के काकटेल

अमर सिंह के बारे में यह कहा जाता था कि वह राजनीति, फिल्म और बिजनेस का कॉकटेल हैं। समाजवादी पार्टी में रहते उन्होंने इसे सिद्ध भी किया। कई बार ऐसे मौके आए जब पार्टी को उन्होंने अपने राजनैतिक समझदारी से परेशानी से उबारा। जया बच्चन को राजनीति में लाने का काम अमर सिंह ने ही किया था लेकिन पार्टी से निष्कासन के समय बच्चन परिवार से इनकी दूरियां बढ़ गईं। कहा यह भी जाता है कि अमिताभ बच्चन के बुरे वक्त में अमर सिंह ने उनका साथ खूब निभाया था।

मुलायम परिवार को तोड़ने का लगा आरोप

साल 2016 में ही अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच पार्टी को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक रामगोपाल ने जिस कथित ‘बाहरी व्यक्ति’ को बार-बार जिम्मेदार बताया वह कोई और नहीं बल्कि अमर सिंह ही थे। हालांकि इस विवाद से मुलायम ने खुद को दूर रखा और अमर सिंह को फिर से पार्टी से निकाल दिया गया। उस समय अमर सिंह पर यह भी आरोप लगे थे कि उन्होंने मुलायम और अखिलेश को शाहजहां और औरंगजेब के रूप में प्रचारित कराया।

आखिरी वीडियो संदेश में अमर सिंह बोले थे ‘टाइगर अभी जिंदा है’

अंबानी परिवार में विभाजन का आरोप लगा

साल 2002 में धीरूभाई अंबानी का निधन हो गया। हालांकि उस समय धीरुभाई अंबानी ने 80 हजार करोड़ का टर्नओवर करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के बंटवारे को लेकर कोई वसीयत नहीं लिखी थी, जिसके बाद मुकेश और अनिल अंबानी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हो गया। अनिल अंबानी ने इस मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मदद की अपील की थी।

अनिल अंबानी अपने मित्र अमर सिंह के कारण तत्कालीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के करीबी भी रहे। हालांकि इस वजह से मुकेश अंबानी अपने छोटे भाई से नाराज भी हुए थे जिससे उनके बीच की दूरी और बढ़ गई थी। बाद में समाजवादी पार्टी ने अनिल अंबानी को राज्य सभा की सीट भी ऑफर की थी लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था।

हिन्दी फिल्म ‘हमारा दिल आपके पास है’ में गेस्ट रोल किया

अमर सिंह ने हिन्दी फिल्म ‘हमारा दिल आपके पास है’ में गेस्ट रोल किया है।

नोट फॉर वोट के दौरान भी उछला नाम

अमर सिंह का नाम यूपीए 1 के समय अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते को लेकर भाजपा द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में सांसदों को कथित रूप से घूस देने के मामले में भी आया। जब फग्गन सिंह कुलस्ते, महावीर भगौरा और एक और सांसद ने संसद में नोटों के बंडल लहराए थे हालांकि बाद में वह इन आरोपों से बरी हो गए।

राष्ट्रीय लोकमंच नाम से अमर सिंह ने बनाई थी पार्टी

अमर सिंह ने राष्ट्रीय लोकमंच नाम से पार्टी भी बनाई और प्रदेश में चुनाव भी लड़ा। लेकिन पार्टी को एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली।

Tags: Death of MP Amar Singhlearn some special thingswho is called 'Chanakya' of politicsअमर सिंह का निधन
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