• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें क्यों हिंदू धर्म में कन्यादान को कहा गया है सबसे बड़ा दान

Desk by Desk
05/09/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, फैशन/शैली
0
kanyadaan

कन्यादान

15
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। शादी विवाह का नाम सुनते ही हर कोई खुश हो जाता है, सभी शादी को लेकर तैयारियां करने लगते है, लेकिन हिंदू धर्म में सबसे आवश्यक काम रस्मों को सही से निभाना होता है। वहीं जब कोई पिता अपनी पुत्री का विवाह करता है, तो उसमें सबसे महत्वपूर्ण रस्म कन्यादान की होती है, इस समय सभी बहुत भावुक हो जाते हैं। सनातन धर्म में कन्या के दान को सबसे बड़ा दान माना गया है।

हिंदू धर्म में जब पिता अपनी कन्या का हाथ वर को सौंपता है तो उस रस्म को कन्या दान कहा जाता है, इस संस्कार में पिता के द्वारा कन्या की हथेलियों पर हल्दी लगाई जाती है, और फिर पिता के हाथ के ऊपर कन्या का हाथ रखा जाता है वर अपने ससुर के हाथ के नीचे अपना हाथ रखता है जिसके बाद कन्या के हाथ पर पिता कुछ गुप्त दान और फूल रखता है। मंत्रोच्चारण के साथ पिता अपनी पुत्री का हाथ वर के हाथ में सौंप देता है, क्यों किया जाता है कन्या दान..

हिंदू धर्म में विवाह को पाणिग्रहण संस्कार माना गया है। जिसमें वर को विष्णु और कन्या को धनलक्ष्मी का स्वरुप माना गया है। कन्यादान का अर्थ होता है कि माता-पिता अपने घर की लक्ष्मी और संपत्ति वर को सौंप रहे हैं। आज से उनकी पुत्री की सारी जिम्मेदारियां उसके पति को निर्वहन करनी हैं। कन्या का हाथ वर के हाथ में देते हुए माता-पिता यह उम्मीद करते हैं कि ससुराल पक्ष में भी उसे वही सम्मान और प्रेम मिलेगा जो अब तक उनके घर मिला है। इसलिए इस रस्म को विवाह की महत्वपूर्ण रस्म माना गया है। जानते हैं कन्यादान को महादान क्यों कहा गया है।

हिन्दू धर्म में माना जाता है कि जब माता-पिता कन्या दान करते हैं, तो यह उनके और ससुराल पक्ष दोनों के लिए सौभाग्य लाता है। जिन लोगों को कन्या का दान करने का सौभाग्य प्राप्त होता है उनके लिए इससे बढ़कर और कुछ नहीं होता है, माना जाता है कि यह दान माता-पिता के लिए स्वर्ग के रास्ते खोलता है। इसलिए हिंदू धर्म में कन्या दान को सबसे बड़ा दान माना गया है।

Tags: .kanaya daan ka matlabkanayadaan ka mehatvakanyadaankanyadaan imageskanyadaan information in hindikanyadaan meaningkanyadaan picturewhy kanyadaan is importantकन्या दान क्या हैकन्या दान क्यों किया जाता है
Previous Post

स्वस्थ मॉं और बच्चों से ही समर्थ एवं सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : योगी

Next Post

अगर दिखने लगे इस तरह के संकेत, तो कार्य में मिलेगी सफलता

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना

31/05/2026
Dry Skin
फैशन/शैली

फेस हो जाता है ड्राई, इन चीजों से दूर होगी परेशानी

31/05/2026
turmeric milk
फैशन/शैली

ये स्पेशल दूध स्वास्थ्य के लिए है फायदेमंद

31/05/2026
Pimples
Main Slider

मुहांसों में करें इस लकड़ी का इस्तेमाल, आजमाते ही दिखेगा असर

31/05/2026
Bathroom
फैशन/शैली

गंदे टाइल्स की सफाई हो जाएगी आसान, ट्राई करें ये टिप्स

31/05/2026
Next Post
good sign

अगर दिखने लगे इस तरह के संकेत, तो कार्य में मिलेगी सफलता

यह भी पढ़ें

जम्मूतवी- दिल्ली -अजमेर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन Jammu-Ajmer Special Express train

जम्मूतवी- दिल्ली -अजमेर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन की सेवा बहाल

10/12/2020
brijesh pathak

अध्ययनरत बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है सुवर्ण प्राशन : बृजेश पाठक

11/07/2021
Nuclear Submarine

येलो सागर में परमाणु पनडुब्बी में हादसा, 55 नौसैनिकों की मौत

04/10/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version