• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शनि महाराज के इस साहस के कारण अल्पायु हुआ था मेघनाद

Desk by Desk
03/10/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
Shani dev

शनि देव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। रावण ज्योतिष विद्या का प्रकाण्ड विद्वान था। कहते हैं एक बार उसने अपने ज्योतिष ज्ञान के बल से सभी ग्रहों को अपने एक स्थिति में रहने के लिए बाध्य कर दिया था। इस दौरान जब सभी ग्रह रावण के भय से त्रस्त थे। उसी समय कर्मफलदाता शनि रावण के खिलाफ विद्रोह कर रहा था।

रावण की पत्नी मंदोदरी जब मेघनाथ को जन्म देने वाली थी। तब रावण ने नवग्रहों को एक निश्चित स्थिति में रहने के लिए बाध्य कर दिया था जिससे उत्पन्न होने वाला पुत्र अत्यंत तेजस्वी, शौर्य, पराक्रम से युक्त होता। रावण ने सभी ग्रहों का ऐसा समय साध लिया था जिस समय में अगर किसी बालक का जन्म हो तो वह अजेय एवं दीर्घायु होता।

लेकिन जब मेघनाद का जन्म हुआ तो बाकि सभी ग्रहों ने रावण के भय से उसकी आज्ञा का पालन किया लेकिन ठीक उसी समय शनि ग्रह ने अपनी स्थिति में परिवर्तन कर लिया। रावण इससे अत्यंत क्रोधित हो गया। दरअसल शनिदेव के इस साहस के कारण रावण का पुत्र पराक्रमी तो हुआ लेकिन वह अल्पायु हो गया।  भयंकर क्रोध में रावण ने शनि के ऊपर गदा का प्रहार किया जिससे शनि के एक पैर में चोट लग गयी और वो पैर से लंगड़े हो गए। मेघनाद अल्पायु होने के कारण रामायण के युद्ध में लक्ष्मण के द्वारा मारा गया था।

अगर शनि देव विद्रोह नहीं करते तो मेघनाथ को हरा पाना संभव नहीं था। शनि का विद्रोह रामायण युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से अधर्म का नाश और धर्म की विजय के लिए काम आया। शनि ग्रह सबका न्याय करने वाले हैं। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, शनि उसे वैसा ही फल देते हैं।

Tags: मेघनाथ वधरामायणरावण वधरावण शनिदेव की कथाशनि की महिमाशनि ग्रहशनि ग्रह की कथाशनिवार के उपाय
Previous Post

एक माँ के रूप में आप सबकी मदद व सेवा करने आती हूँ : मेनका

Next Post

नया कृषि सुधार कानून किसानों को शोषण से बचाने वाला है : रविशंकर

Desk

Desk

Related Posts

glowing skin
फैशन/शैली

रात को कर लें ये काम, मिलेगी जवा-निखरी त्वचा

27/05/2026
face scrub
फैशन/शैली

स्क्रब करने के लिए फॉलो करें ये टिप्स, मिलेगा गज़ब का निखार

27/05/2026
CM Yogi
Main Slider

जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगाः सीएम योगी

26/05/2026
Nautapa
Main Slider

नौतपा में करें ये अचूक उपाय, पैसों से भर जाएगा घर

26/05/2026
Kesahv Prasad Maurya
Main Slider

2047 तक ‘वनवास’ पर रहेगा विपक्ष, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों का एनकाउंटर जारी रहेगा: डिप्टी सीएम

26/05/2026
Next Post

नया कृषि सुधार कानून किसानों को शोषण से बचाने वाला है : रविशंकर

यह भी पढ़ें

Birth anniversary of Rabindranath Thakur

मानवता को समर्पित रबीन्द्रनाथ ठाकुर का जीवन प्रेरणादीप : सीएम योगी

07/05/2021
Raid

गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर सीजीएसटी की 15 घंटे से छापेमारी

13/04/2022
cm yogi

2024 के चुनाव की ‘भूमि’ हमें अभी से तैयार करनी होगी : सीएम योगी

29/05/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version