• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

धनवान और सुखी बनने के लिए पुराणों में बताए गए नियमों का करेंगे पालन

Desk by Desk
04/10/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
puja ghar

वास्तु टिप्स

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। शास्त्रों और पुराणों में अच्छा जीवन जीने के लिए कई तरह के नियम बताए गए हैं। इन उपायों का अनुसरण कर व्यक्ति जीवन को सरल और सुखी बना सकता है। जीवन को सुखी और समृद्धिशाली बनाने के लिए पुराणों में क्या-क्या नियम बताए गए हैं।

शास्त्रों में बताया गया है कि व्यक्ति को कुछ तिथियों पर विशेष सावधानी और निययों का पालन करना चाहिए। व्यक्ति को हर महीने की अष्टमी, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और चतुर्दशी तिथि पर भगवान की पूजा-आराधना जरूर करनी चाहिए। इन तिथियों पर व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। ऐसे में भूलकर भी इस तिथि पर न तो मांसाहार का सेवन करें और न ही शरीर पर तेल की मालिश करनी चाहिए। यह सभी तिथि बहुत ही शुभ मानी गई हैं।

भगवान की आराधना करने से ही मनुष्य भगवान को अपने करीब पाता है। ऐसे में पूजा-पाठ करते समय भूलकर भी देवी-देवताओं की मूर्तियों को, शंख, पूजा सामग्री, शालिग्राम और दीपक को अशुद्ध जमीन पर नहीं रखना चाहिए। इन सभी चीजों को जमीन पर रखने से पहले लाल कपड़ा बिछाकर किसी साफ और ऊंचे स्थानों पर रखना चाहिए।

पुराणों में बताया गया है कि कभी किसी पुरुष को पराई महिलाओं की तरफ बुरी नजर से नहीं देखना चाहिए और न ही किसी महिला का अपमान करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और वैभव की कमी होने लगती है। पराई चीजों को अपनी समझने पर धीरे-धीरे दरिद्रता बढ़ने लगती है।

शास्त्रों में बताया गया है कि कभी भी सूर्य और चंद्रमा के अस्त होते समय उसे निहारना नहीं चाहिए। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मकता हावी होने लगती है। जहां एक तरफ सूर्य को उदय होते हुए देखने पर जीवन में सकारात्मकता और सफलता प्राप्त होती है। वहीं अस्त होते हुए सूर्य को देखना पर निराशा का भाव जागता है।

शास्त्रों में दान का विशेष महत्व बताया गया है। दान करने से भगवान की कृपा मिलती है। इसके अलावा समय-समय पर दान करने से कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है। अगर दान का आपने संकल्प किया है उसे उसी तिथि पर करना चाहिए जिस तिथि पर दान देना का प्रण लिया है।

Tags: hindu religionhinduismpujapuja tipspuran
Previous Post

अगर आप अपनी राशि के अनुसार पहनेंगे कपड़े, तो बढ़ जाएंगी सफलता की संभावनाएं

Next Post

मां दुर्गा की तस्वीर लेने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव

23/10/2026
Main Slider

मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी, बोले-नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी

23/10/2026
Main Slider

घरौनी से किसानों की डिजिटल पहचान तक, योगी सरकार ने बढ़ाया राजस्व सुधारों का दायरा

23/10/2026
Sharad Purnima
धर्म

कब है शरद पूर्णिमा? जानें खीर रखने का महत्व

23/10/2026
Glowing Face
फैशन/शैली

चेहरे पर चाहिए प्राकृतिक निखार, डाइट में शामिल करें शकरकंद

23/10/2026
Next Post
Navratri

मां दुर्गा की तस्वीर लेने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान

यह भी पढ़ें

PFCL recruitment

PFCL में असिस्टेंट ऑफिसर समेत कई पदों पर भर्ती, यहां करें आवेदन

04/04/2021
Hriday Narayan Dixit

विधानसभा अध्यक्ष ने ‘यह सड़क मेरे गांव को नहीं जाती’ पुस्तक का किया विमोचन

17/06/2021
Bees

श्रद्धालुओं पर मधुमक्खियो का हमला, एक की मौत

03/04/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version