• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान

Desk by Desk
09/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, राष्ट्रीय, लखनऊ
0
organic production

जैविक उत्पादन को बढ़ावा

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए लगभग 200 हेक्टेयर खेत में 10 जैविक किसान उत्पादक समूह के 211 किसानों के माध्यम से किसानों को जैविक उत्पादन के लिए आवश्यक विभिन्न प्रकार के इनपुट दिए गए। जिसमें वर्मी कंपोस्ट, बायोडायनेमिक, नाडेप खाद व बायो-इनहासर को बनाने का प्रशिक्षण किसानों के खेत में ही दिया गया।

किसानों की जमीन का पीजीएस के माध्यम से प्रमाणीकरण कराने का कार्य किया जा रहा है। जिससे उन्हें देश के विभिन्न भागों में प्रमाणित जैविक उत्पादों को बेचने में सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त किसानों को फसल तैयार होने पर उनके उत्पाद को ग्रेडिंग, पैकिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

वास्तु के अनुसार पूजा घर की दिवारों पर करायें इस रंग का पेंट, मिलेगा लाभ

अपने ही खेत में जैविक उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्री का उत्पादन करने के लिए 10 जैविक उत्पादन समूहों के लिए ट्रेनिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई है। यह जैविक उत्पादक समूह बाराबंकी, बांदा और हमीरपुर जिलों में चुने गए हैं और वहीं जाकर उन्हें जैविक इनपुट्स को बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि वे इस कार्य में आत्मनिर्भर बन सकें। इससे उत्पादन की लागत में कमी आएगी और किसानों का मुनाफा भी बढ़ेगा।

इसी श्रृंखला में एक ट्रेनिंग संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा शैली किरतपुर गांव (बाराबंकी) में की गई जहां 21 रजिस्टर्ड फार्मर किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जरूरी जैविक उत्पादन के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे नीम की खली, स्प्रेयर, स्टिकी इंसेक्ट ट्रैप, नीम का तेल, वर्मी कंपोस्ट बेड और केंचुए प्रदान किए गए।

संस्थान ने एक विशेष प्रकार के जैविक इनपुट सीआईएसएच-बायो-इनहासर का विकास किया है जिसे छोटे और सीमांत किसानों के बीच में वितरित किया गया ताकि वे मिट्टी का स्वास्थ्य सुधार सकें और जैविक उत्पादन में अच्छी उपज प्राप्त हो। एक विशेष प्रकार का फॉर्मूलेशन है जिसमें परंपरागत रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले पंचगव्य, वर्मीवाश अमृतवाणी व काऊ पेट पिट के लाभकारी बैक्टीरिया का समावेश किया गया है।

संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र राजन ने ट्रेनिंग के उद्घाटन के दौरान बताया कि व्यावसायिक और सफल जैविक उत्पादन के लिए हमें अपनी सोच में परिवर्तन करना पड़ेगा और बागवानी फसलों में जैविक उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि फसल का सही चुनाव और अच्छी मात्रा में उत्पादन करके ही मार्केटिंग में सफलता प्राप्त की जा सकती है। अच्छी मार्केटिंग के द्वारा जैविक उत्पादों से प्राप्त होने वाली आय में जोखिम को कम किया जा सकता है। डॉ. राम अवध राम ने परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के जैविक इनपुट्स के उत्पादन को प्रदर्शित किया। डॉ. आशीष यादव ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का संयोजन किया व किसानों को जैविक उत्पादन के विशेष तकनीकी व सावधानियों से अवगत कराया।

किरतपुर गांव में स्थापित किए गए इस ट्रेनिंग सेंटर पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार के यन्त्र एवं अन्य सुविधाओं का प्रयोग करके किसान अपने उपयोग के लिए जैविक इनपुट्स का नि:शुल्क उत्पादन कर सकते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन से जैविक उत्पादन तकनीकी व फसल की कटाई के बाद ग्रेडिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी सहायता मिलेगी।

Tags: organic productionTraining given to farmers to boost organic productionकाऊ पेट पिट के लाभकारी बैक्टीरिया का समावेशकेंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊजैविक उत्पादनजैविक उत्पादन को बढ़ावापंचगव्यपरंपरागत कृषि विकास योजनावर्मीवाश अमृतवाणी
Previous Post

आदिवासी महिलाओं ने आपदा को बदला अवसर में, लोग मान रहे करिश्मा

Next Post

फर्रूखाबाद में दर्दनाक हादसा, छात्रा की ट्रक से कुचल कर मौत

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

योगी सरकार की सेवा, सुशासन और जनकल्याण की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

16/09/2026
उत्तर प्रदेश

पेंशन की संख्या भी बढ़ेगी और राशि भी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

16/09/2026
Main Slider

मुख्यमंत्री योगी ने सुधा सिंह को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढांढस

16/09/2026
Transfer
Main Slider

उप्र में पांच पीसीएस अधिकारियाें का तबादला

16/09/2026
Main Slider

भगवंत मान का विपक्ष पर हमला, गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

16/09/2026
Next Post
burning truck

फर्रूखाबाद में दर्दनाक हादसा, छात्रा की ट्रक से कुचल कर मौत

यह भी पढ़ें

indian team

सीरीज को अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा भारत

05/12/2020
Nirjala Ekadashi

मोक्षदा एकादशी के दिन ऐसे करें पूजा, मिलेगा संतान प्राप्ति का आशीर्वाद

08/12/2024
Rahul Gandhi

137 दिन बाद संसद में राहुल गांधी की वापसी, खडगे बोले- ये देश के लिए राहत

07/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version