नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में किसान प्रदर्शन पर दाखिल की गई याचिकाओं पर सुनवाई के समय चीफ जस्टिस केंद्र की मोदी सरकार से काफी नाराज हैं। सरकार पक्ष की तरफ न्यायालय में चर्चा करने पर ही जोर दिया। सरकार ने कोर्ट में कहा है कि किसानों और सरकार के बीच बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि इसी से इस मुद्दे का हल निकलेगा। न्यायालय में जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार और किसान संगठनों में कई मुलाकातें हुई, इन मुलाकातों में तय हुआ है कि चर्चा चलती रहेगी और इसके जरिए ही समाधान निकाला जाएगा।
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मुख्य न्यायाधीश ने ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार इस मुद्दे को हल करने की कोशिश कर रही है, हम उससे खुश नहीं हैं। हमें नहीं पता कि आपने कानून पास करने से पहले क्या किया। अभी तक एक भी याचिका दायर नहीं की गई है, जो कहे कि ये कृषि कानून अच्छे हैं।
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चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सरकार से कानून वापस लेने के बारे में नहीं कह रहे हैं। हम सिर्फ इतना जानना चाह रहे हैं कि इसे कैसे संभाल रहे हैं। कानून के अमल पर ज़ोर मत दीजिए। फिर बात शुरू कीजिए। हमने भी रिसर्च किया है। एक कमिटी बनाना चाहते हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे हैं, वरना आंदोलन जारी करने को कह रहे हैं।







