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फर्जी आईडी सिम से बैंक खाते खोल विदेशों से किया लाखों का लेन-देन, 14 गिरफ्तार

Writer D by Writer D
18/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, लखनऊ
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लखनऊ। यूपी से लेकर दिल्ली तक एक ऐसा गिरोह सक्रिय था जो गिरोह बनाकर फर्जी आइडी से सिम खरीदते थे। उस एक्टिवेट सिम से बैंकों में ऑनलाइन खाते खोलते थे। फिर आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को उन खातों में डालकर कुछ ही समय में कार्डलेस ट्रांजेक्शन कर लेते थे। इस गैंग में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनकी धरपकड़ के लिए लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। इस गिरोह के बारे में यूपी एटीएस ने तहकीकात की तो कई चौंकाने वाली बात सामने आयी हैं। छानबीन में पता तो ये भी चला है कि गिरोह के शातिर सदस्ये अब तक लगभग 1500 सिम इस्तेमाल कर चुके हैं और इन लोगों के बीच करीब 50 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने रविवार को साइबर इकोनामिक फ्रॉड के बड़े मामले का राजफाश किया है। एटीएस ने फर्जी आइडी से सिम कार्ड प्राप्त कर आॅनलाइन बैंक खाते खोलकर अपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धनराशि का आदान-प्रदान करने वाले गिरोह के 14 शातिरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुछ विदेशी नागरिकों के नाम सामने आए हैं, इनमें दो विदेशी नागरिकों के नाम पता चल गया, जिनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। एटीएस इन खातों में टेरर फंडिंग और हवाला से जुड़ी रकम को जमा कराए जाने के साथ ही गिरोह के देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की भी जांच कर रही है।

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एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया है। शेष पांच अभियुक्तों की गिरफ्तारी दिल्ली से एटीएस की नोएडा यूनिट द्वारा की गई है, जिन्हें अभी लखनऊ लाया जा रहा है। इसके अलावा दो विदेशी अभियुक्त भी हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है। जिन नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया है उनमें मोहम्मद फहीम निवासी खग्गू सराय थाना नखासा जिला संभल, सैमुल हसन निवासी रकनुद्दीन सराय थाना नखासा जिला संभल, हरिओम अरोड़ा निवासी स्टेशन रोड थाना चंदौसी जिला संभल, प्रेम सिंह निवासी नंगला गुर्जर थाना हजरतनगर गढ़ी जिला मुरादाबाद, चंद्र किशोर निवासी ज्ञानपुर सिसौना थाना संभल जिला संभल, अंशुल कुमार सक्सेना निवासी हसनपुर थाना सहादन गली जिला अमरोहा (मूल निवासी जिला बदायूं), तरुण सूर्या निवासी मोहल्लाचाह धोबियान थाना कोतवाली चंदौसी जिला संभल, पीयूष वाष्णेय निवासी मोती चंदौसी थाना चंदौसी जिला संभल तथा प्रशांत गुप्ता निवासी गणेश कॉलोनी थाना चंदौसी जिला संभल शामिल हैं।

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एटीएस चीफ डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि अभियुक्त प्रेम सिंह गिरोह का सरगना है। वह इन सभी डिस्ट्रीब्यूटरों-रिटेलरों से प्री-ऐक्टिवेटेड सिम लेकर दिल्ली में विभिन्न लोगों को बेचता था। इनसे उसे प्रति सिम 40 रुपये का अतिरिक्त लाभ होता था। जुलाई 2020 से जनवरी 2021 के बीच प्रेम सिंह ने लगभग 1500 प्री-ऐक्टिवेटेड सिम दिल्ली के लोगों को दिए हैं। इन सिमों से अभियुक्तों ने विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर अज्ञात स्रोतों से धनराशि स्थानान्तरित कराई। पकड़े गए डिस्ट्रीब्यूटर अपने यहां सिम लेने आने वाले ग्राहकों को धोखा देकर प्री-ऐक्टिवेटेड सिम प्राप्त करते थे। वे ग्राहकों के आईडी प्रूफ व फोटो का दुरुपयोग कर बिना उनकी जानकारी के दूसरा सिम ऐक्टिवेट कर लेते थे, जबकि प्री-ऐक्टिवेटेड सिम बेचना अवैधानिक कार्य है। ऐसे सिम को वे 260 रुपये में बेचते थे, जबकि सिम की कीमत लगभग 20 रुपये है। दरअसल एक ग्राहक को दो सिम लेने की छूट होती है और वह मात्र एक सिम लेकर चला जाता था।

दूसरी तरफ एटीएस को इस गैंग के टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। वह यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन खातों में पैसा कहां से आ रहा था और उसे तुरंत निकालकर कहां भेजा जाता था? ऐसे खातों में आने वाले पैसे को तत्काल 10 से 15 मिनट में निकाल लिया जाता था। ऐसे एक खाते में एटीएस को 1.50 लाख रुपये आने की जानकारी मिली है। कुछ अन्य खातों को मिलाकर अब तक लगभग 50 लाख रुपये जमा होने और निकाले जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल इसे आपराधिक गतिविधियों के लिए उपयोग में लाए जाने की संभावना के आधार पर कार्रवाई की गई है। इसका मुकदमा एटीएस के लखनऊ थाने में दर्ज किया गया है।

Tags: crime newsCyber crimefake idLucknow Newsup news
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