• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

फर्जी आईडी सिम से बैंक खाते खोल विदेशों से किया लाखों का लेन-देन, 14 गिरफ्तार

Writer D by Writer D
18/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, लखनऊ
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। यूपी से लेकर दिल्ली तक एक ऐसा गिरोह सक्रिय था जो गिरोह बनाकर फर्जी आइडी से सिम खरीदते थे। उस एक्टिवेट सिम से बैंकों में ऑनलाइन खाते खोलते थे। फिर आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को उन खातों में डालकर कुछ ही समय में कार्डलेस ट्रांजेक्शन कर लेते थे। इस गैंग में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनकी धरपकड़ के लिए लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। इस गिरोह के बारे में यूपी एटीएस ने तहकीकात की तो कई चौंकाने वाली बात सामने आयी हैं। छानबीन में पता तो ये भी चला है कि गिरोह के शातिर सदस्ये अब तक लगभग 1500 सिम इस्तेमाल कर चुके हैं और इन लोगों के बीच करीब 50 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने रविवार को साइबर इकोनामिक फ्रॉड के बड़े मामले का राजफाश किया है। एटीएस ने फर्जी आइडी से सिम कार्ड प्राप्त कर आॅनलाइन बैंक खाते खोलकर अपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धनराशि का आदान-प्रदान करने वाले गिरोह के 14 शातिरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुछ विदेशी नागरिकों के नाम सामने आए हैं, इनमें दो विदेशी नागरिकों के नाम पता चल गया, जिनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। एटीएस इन खातों में टेरर फंडिंग और हवाला से जुड़ी रकम को जमा कराए जाने के साथ ही गिरोह के देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की भी जांच कर रही है।

फतेहपुर सीकरी में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण पर सुनवाई को कोर्ट सहमत

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया है। शेष पांच अभियुक्तों की गिरफ्तारी दिल्ली से एटीएस की नोएडा यूनिट द्वारा की गई है, जिन्हें अभी लखनऊ लाया जा रहा है। इसके अलावा दो विदेशी अभियुक्त भी हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है। जिन नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया है उनमें मोहम्मद फहीम निवासी खग्गू सराय थाना नखासा जिला संभल, सैमुल हसन निवासी रकनुद्दीन सराय थाना नखासा जिला संभल, हरिओम अरोड़ा निवासी स्टेशन रोड थाना चंदौसी जिला संभल, प्रेम सिंह निवासी नंगला गुर्जर थाना हजरतनगर गढ़ी जिला मुरादाबाद, चंद्र किशोर निवासी ज्ञानपुर सिसौना थाना संभल जिला संभल, अंशुल कुमार सक्सेना निवासी हसनपुर थाना सहादन गली जिला अमरोहा (मूल निवासी जिला बदायूं), तरुण सूर्या निवासी मोहल्लाचाह धोबियान थाना कोतवाली चंदौसी जिला संभल, पीयूष वाष्णेय निवासी मोती चंदौसी थाना चंदौसी जिला संभल तथा प्रशांत गुप्ता निवासी गणेश कॉलोनी थाना चंदौसी जिला संभल शामिल हैं।

धर्म की रक्षा में प्राणों की आहुती देने के लिए तैयार रहना होगा : सुरेश चह्वाणके

एटीएस चीफ डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि अभियुक्त प्रेम सिंह गिरोह का सरगना है। वह इन सभी डिस्ट्रीब्यूटरों-रिटेलरों से प्री-ऐक्टिवेटेड सिम लेकर दिल्ली में विभिन्न लोगों को बेचता था। इनसे उसे प्रति सिम 40 रुपये का अतिरिक्त लाभ होता था। जुलाई 2020 से जनवरी 2021 के बीच प्रेम सिंह ने लगभग 1500 प्री-ऐक्टिवेटेड सिम दिल्ली के लोगों को दिए हैं। इन सिमों से अभियुक्तों ने विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर अज्ञात स्रोतों से धनराशि स्थानान्तरित कराई। पकड़े गए डिस्ट्रीब्यूटर अपने यहां सिम लेने आने वाले ग्राहकों को धोखा देकर प्री-ऐक्टिवेटेड सिम प्राप्त करते थे। वे ग्राहकों के आईडी प्रूफ व फोटो का दुरुपयोग कर बिना उनकी जानकारी के दूसरा सिम ऐक्टिवेट कर लेते थे, जबकि प्री-ऐक्टिवेटेड सिम बेचना अवैधानिक कार्य है। ऐसे सिम को वे 260 रुपये में बेचते थे, जबकि सिम की कीमत लगभग 20 रुपये है। दरअसल एक ग्राहक को दो सिम लेने की छूट होती है और वह मात्र एक सिम लेकर चला जाता था।

दूसरी तरफ एटीएस को इस गैंग के टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। वह यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन खातों में पैसा कहां से आ रहा था और उसे तुरंत निकालकर कहां भेजा जाता था? ऐसे खातों में आने वाले पैसे को तत्काल 10 से 15 मिनट में निकाल लिया जाता था। ऐसे एक खाते में एटीएस को 1.50 लाख रुपये आने की जानकारी मिली है। कुछ अन्य खातों को मिलाकर अब तक लगभग 50 लाख रुपये जमा होने और निकाले जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल इसे आपराधिक गतिविधियों के लिए उपयोग में लाए जाने की संभावना के आधार पर कार्रवाई की गई है। इसका मुकदमा एटीएस के लखनऊ थाने में दर्ज किया गया है।

Tags: crime newsCyber crimefake idLucknow Newsup news
Previous Post

दिव्यांग महिला की गला रेतकर हत्या, बाग से मिला खून से लथपथ शव

Next Post

दुर्घटना बाहुल्य इलाकों में सुरक्षित आवागमन के लिए किये जायें प्रबंध : योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

UP RERA
उत्तर प्रदेश

यूपी रेरा की अर्धवार्षिक रिपोर्ट 2026 : उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में मजबूत विकास के संकेत

30/07/2026
CM Nayab Saini met Swami Gyananand Maharaj.
Main Slider

गीता ज्ञान को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : नायब सिंह सैनी

30/07/2026
CM Dhami
Main Slider

शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं: CM धामी

30/07/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

नगर विकास मंत्री ने की जनसुनवाई, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

30/07/2026
CM Yogi
Main Slider

रामलीला में असलहा लहराकर दंगा करने वाले को मिट्टी में ही दफन होना पड़ेगा: सीएम योगी

30/07/2026
Next Post
सीएम योगी CM Yogi

दुर्घटना बाहुल्य इलाकों में सुरक्षित आवागमन के लिए किये जायें प्रबंध : योगी

यह भी पढ़ें

ट्रेडर्स कारोबारी के घर से लाखों के जेवर चोरी, CCTV खंगाल रही है पुलिस

17/11/2020

चाची बनी चंडाल, डेढ़ साल के मासूम को तीन टुकड़ों में काटा

25/08/2022
PM Kisan Samman Nidhi

आज पीएम मोदी देंगे किसानों को सम्मान निधि की 16वीं किस्त की सौगात

28/02/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version