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क्‍यों जरूरी होते हैं ‘Early pregnancy Tests’, एक्‍सपर्ट से जानें

Writer D by Writer D
19/12/2021
in Main Slider, फैशन/शैली, स्वास्थ्य
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Pregnant
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प्रेग्‍नेंसी के नौ महीने आपको बेशक लंबे लग सकते हैं मगर बच्चे के आने की खुशी में समय कब पंख लगा कर उड़ जाता है पता ही नहीं चलता है। जब बात आपके बच्‍चे की अच्‍छी सेहत की आती है, तो आपको रास्ते में आने वाली हर चीज के लिए तैयार रहना चाहिए। डॉक्टर प्रेग्‍नेंट महिलाओं को बच्‍चे के जन्‍म से पूर्व देखभाल के रूप में कई लैब टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।

ये टेस्ट्स उन स्थितियों को पता लगाने में बहुत महत्वपूर्ण हैं, जो आपके और आपके बच्चे के लिए जटिलताएं बढ़ा सकती हैं। सीबीसी, ब्लड ग्रुप और आरएच टाइपिंग, यूरिनलिसिस, टीएसएच, डायबिटीज स्‍क्रीनिंग, रूबेला स्टेटस, हेपेटाइटिस-बी, वीडीआरएल, एचआईवी और इन्‍फेक्‍शन स्‍क्रीनिंग जैसे रूटीन टेस्‍ट्स होते हैं, जिन्हें हर मां को करवाना होता है। हालांकि, आपका डॉक्टर आपके बच्चे के अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में सुनिश्चित करने के लिए आपको स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट और डायग्‍नोस्टिक टेस्‍ट कराने के लिए भी कह सकता है।

स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट

स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट आमतौर पर प्रारंभिक प्रेग्‍नेंसी में यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि क्‍या बच्‍चे में सामान्‍य जन्म दोषों का खतरा है या नहीं। ये टेस्ट्स आमतौर पर पुष्टि नहीं करते हैं कि बच्‍चे में जन्‍म दोष है या नहीं, इसलिए कंफर्मेटरी टेस्‍ट किए जाते हैं। ये टेस्ट्स प्रेग्‍नेंसी में संभावित जन्म दोषों का पता लगाने में मदद करते हैं, इसलिए आपके बच्चे के इलाज के लिए आवश्यक उपाय किए जा सकते हैं।

स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट्स में अल्‍ट्रासाउंड स्‍कैन और ब्‍लड टेस्‍ट शामिल होते हैं, जो स्पाइना बिफिडा और डाउन सिंड्रोम जैसी असामान्यताओं का पता लगा सकते हैं। इन टेस्‍ट्स के द्वारा यह भी पता लगाया जा सकता है कि आपके नन्‍हें-मुन्‍ने को परिवार में मौजूद वंशानुगत विकारों से खतरा तो नहीं है। स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट बिल्कुल सामान्‍य होते हैं और आमतौर पर फीटस को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। आपका डॉक्टर आपको कुछ स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट लेने के लिए कह सकता है। हालांकि, आप टेस्‍ट कराना चाहते हैं या नहीं, यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है। यदि आप इसके साथ जाने का निर्णय लेते हैं, तो डॉक्टर आपका मार्गदर्शन करेगा। परिणामों के आधार पर, आपका डॉक्टर आपको राय लेने के लिए जेनेटिक काउंसलर या फीटस मेडिसिन स्‍पेशलिस्‍ट के पास भेज सकता है।

डायग्‍नोस्टिक टेस्‍ट्स

यदि आपके परिवार में जन्म दोषों का इतिहास रहा है या आपकी आयु 35 वर्ष या उससे अधिक है, तो आपका डॉक्टर आपको डायग्नोस्टिक टेस्ट करने के लिए कह सकता है। ये टेस्‍ट एक जीन (Gene) या क्रोमोसोम्स (Chromosomes) में दोषों का पता लगाकर फीटस में कई जन्म दोषों का पता लगाने में मदद कर सकते हैं, मगर सभी जन्‍म दोष इससे पता नहीं चल पाते हैं।

डायग्नोस्टिक टेस्ट जितने सटीक होते हैं, उतने ही आक्रामक भी होते हैं और फीटस के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। आमतौर पर, महिलाओं को यह पुष्टि करने के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट करने के लिए कहा जाता है ताकि पता चल सके कि कहीं बच्चे में कोई दोष तो नहीं, जो स्क्रीनिंग टेस्ट में पाया गया है।

डायग्नोस्टिक टेस्ट में सुई के माध्यम से आपके एमनियोटिक फ्लूइड का एक सैंपल लिया जाता है और यह निर्धारित किया जाता है कि क्या बच्चे को डाउन सिंड्रोम है या अन्य क्रोमोसोमल स्थितियां हैं। यदि डाउन सिंड्रोम का पता चलता है, तो आपको आगे के चरणों के लिए एक जेनेटिक काउंसलर के पास भेजा जाएगा।

ये टेस्ट्स वैकल्पिक हैं और आप तय कर सकते हैं कि आप उन्हें लेना चाहते हैं या नहीं। हालांकि, तैयार रहना हमेशा अच्छा होता है, खासकर जब बात आपके बच्चे के स्वस्थ और सुखद भविष्य की हो।

Tags: Early Pregnancy Testspregnancy testwomen Health
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