• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जैविक खेती से जन, जमीन और जल की चिंता

Writer D by Writer D
06/01/2022
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, लखनऊ
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। किसानों की आय दोगुनी हो। डबल इंजन (मोदी-योगी) की सरकार की यह सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसे केंद्र में रखकर दिनों सरकारों ने कई योजनाएं बनाई हैं, पर इसमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका न्यूनतम लागत में अधिकतम उत्पादन की होगी।

अगर उत्पादन में यह वृद्धि बिना जमीन, जल और जन को क्षति पहुंचाए हो तो “सोने पर सुहागा”। इको फ़्रेंडली जैविक खेती इसका एकमात्र विकल्प है। यही वजह है कि योगी सरकार का जोर जैविक खेती पर है। ऐसी खेती जिसमें वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) गाय के गोबर, मूत्र और अन्य उत्पादों से बने उर्वरकों एवं कीट नाशकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो। जैविक तरीके से बने इन उत्पादों को वाजिब दाम दिलाना भी जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए जरूरी है। सरकार इन सभी पहलुओं पर काम भी कर रही है।

हर मंडी में अलग आउटलेट और वर्मी कंपोस्ट पिट के लिए 5000 का अनुदान

जैविक उत्पादों के विक्रय के लिए सभी मंडियों में अलग से जगह निर्धारित की गई हैं। किसान गोबर, घरेलू कूड़े-कचरे और फसल अवशेषों से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर इनका फसलों में अधिक से अधिक प्रयोग करें इसके लिए सरकार प्रति इकाई वर्मी कम्पोस्ट के लिए 5000 रुपए का अनुदान देती है। इसके अलावा अगर कोई किसान जैविक खेती करना चाहता है तो सरकार की ओर से संबंधित किसान को प्रति एकड़, प्रति वर्ष की दर से क्रमशः 1800, 3000 और 2000 रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसी क्रम में जैविक बीज प्रबन्धन के लिए तीन साल में 500-500 रुपए की समान किश्तों में 1500 रुपये, हरी खाद के लिए पहले साल 1500 रुपये देती है। साथ ही बोटैनिकल एक्सट्रेक्ट, लिक्विड बायो फर्टीलाइजर, लिक्विड बायोपेस्टिड, प्राकृतिक पेस्ट कंट्रोल,  फॉस्फेट ऑर्गेनिक रिच मैन्यूर, सीएचजी चार्जेज पर भी अनुदान देय। कुल मिलाकर अगर कोई किसान एक एकड़ में जैविक खेती करना चाहता है तो सरकार तीन वर्षों में अलग-अलग मदों में उसे कुल 16800 रुपए का अनुदान देती है।

सीएम योगी ने स्वरोजगार संगम कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को वितरित किया लोन

केन्द्र पोषित परम्परागत कृषि विकास योजना एवं नमामि गंगे योजना के तहत जैविक जैविक खेती का क्रियान्वयन क्लस्टर अप्रोच (50 एकड) पर किया जा रहा है। इस योजना से गंगा किनारे के कानपुर नगर, रायबरेली, फतेहपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली, मुज्जफरनगर, हापुड़, मेरठ, अमरोहा, संभल, कन्नौज, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, चंदौली हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ नमामि गंगे परियोजना में आने वाले जिलों में भी प्राकृतिक खेती को सरकार प्रोत्साहन दे रही है। प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना, नमामि गंगे एवं जैविक खेती सहित 95680 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अब तक 4754 क्लस्टर बनाए जा चुके हैं। सरकार इस पर 2021-22 तक  114.53 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इससे 1.75 लाख कृषक लाभान्वित हो चुके हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से देय अन्य सुविधाएं

 

◆ जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति

(बीपीकेपी) योजना के तहत 35 जिलों (आजमगढ़, सुल्तानपुर, गोंडा, कानपुर नगर, फिरोजाबाद, मथुरा, बदायूं, अमरोहा, बिजनौर, झांसी,जालौन, ललितपुर, बाँदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, मीरजापुर, गोरखपुर, कानपुर देहात, फरुर्खाबाद, रायबरेली, उन्नाव, पीलीभीत, देवरिया, आगरा, मथुरा, फतेहपुर, कौशांबी, बहराईच, श्रावस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, वाराणसी, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, चंदौली, सोनभद्र) में 3870380 हेक्टयर  वर्ष 2021-22 से जैविक खेती के लिए स्वीकृत।

योगी सरकार ने 2955 करोड़ की पेंशन राशि की ट्रांसफर, 98 लाख लोगों को फायदा

ट्रेनिंग और प्रशिक्षण पर खासा जोर

जैविक खेती के बाबत किसानों के प्रशिक्षण और प्रदर्शन पर सरकार का खासा जोर है। इसी क्रम में गत दो वर्षों में 225691 कृषकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रही देख कर सीखने की बात तो अब तक प्रदेश में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों द्वारा 83.185 एकड़ में प्राकृतिक खेती का डेमो (प्रदर्शन) कराया जा चुका है। इसके अलावा  सभी आर. ए. टी. डी. एस. प्रक्षेत्रों राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान रहमान खेड़ा में क्रमशः 10 और 1.20 एकड़ में प्राकृतिक खेती का प्रदर्शन कराया गया है।

जैविक खेती में गाय के गोबर, मूत्र सींग से बनी खाद और कीटनाशकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके मद्देनजर प्रदेश के चार कृषि विश्वविद्यालयों और सभी 20 कृषि विज्ञान केंद्रों पर गो आधारित खेती का डिमांस्ट्रेशन कराया गया है।

Tags: # organic farmingcm yogiLucknow Newsup news
Previous Post

सीएम योगी ने स्वरोजगार संगम कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को वितरित किया लोन

Next Post

विभिन्न दलों के नेता भाजपा में हुए शामिल, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने दिलाई सदस्यता

Writer D

Writer D

Related Posts

Exemplar
Main Slider

लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिला ‘एग्जेम्प्लर’ अवार्ड

13/05/2026
CM Yogi
Main Slider

सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें मंत्रीगण: मुख्यमंत्री योगी

13/05/2026
Mother Dairy
Business

अमूल के बाद अब मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दाम, कल से इतना महंगा मिलेगा दूध

13/05/2026
cow
उत्तर प्रदेश

स्वदेशी उन्नत गोवंश से समृद्ध उत्तर प्रदेश बना रही योगी सरकार

13/05/2026
CM Yogi
Main Slider

सीएम योगी ने दी प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि, भावुक नजर आई अपर्णा यादव

13/05/2026
Next Post

विभिन्न दलों के नेता भाजपा में हुए शामिल, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने दिलाई सदस्यता

यह भी पढ़ें

CM Dhami

कांग्रेस के दौर में खनन माफिया की जेब में जाता था राज्य का पैसा: सीएम धामी

15/03/2026

कोरोना महामारी के समय भी मोदी सरकार कमा रही है मुनाफा : राहुल गांधी

25/07/2020
Sidhu Moosewala

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में बड़ी कामयाबी, अजरबैजान से भारत लाया गया सचिन बिश्नोई

01/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version