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आइये जानते है क्यों किया जाता है सत्यनारायण व्रत पूजा, क्या हैं इसके लाभ

Writer D by Writer D
13/01/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
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हिंदी पंचाग के अनुसार, हर पूर्णमासी को सत्यनारायण की पूजा-उपासना की जाती है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु जी के नारायण रूप की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से व्रती के जीवन से दुख-शोक का नाश होता है,  जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है, पुत्र की प्राप्ति होती है और सर्वत्र विजय हासिल करने का वरदान मिलता है। इस व्रत को किसी विशेष तिथि की जरूरत नहीं पड़ती है। आइए, इसके व्रत एवं पूजा विधि को जानते हैं-

पौराणिक कथा के अनुसार, चिरकाल में एक बार जब भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीर सागर में विश्राम कर रहे थे। उस समय नारद जी वहां पधारे। नारद जी को देख भगवान श्रीहरि विष्णु बोले- हे महर्षि आपके आने का प्रयोजन क्या है? तब नारद जी बोले-नारायण नारायण प्रभु! आप तो पालनहार हैं। सर्वज्ञाता हैं। प्रभु-मुझे ऐसी कोई लघु उपाय बताएं, जिसे करने से पृथ्वीवासियों का कल्याण हो।

तदोपरांत, भगवान श्रीहरि विष्णु बोले- हे देवर्षि! जो व्यक्ति सांसारिक सुखों को भोगना चाहता है और मरणोपरांत परलोक जाना चाहता है। उसे सत्यनारायण पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके बाद नारद जी ने भगवान श्रीहरि विष्णु से व्रत विधि बताने का अनुरोध किया।

तब भगवान श्रीहरि विष्णु जी बोले- इसे करने के लिए व्यक्ति को दिन भर उपवास रखना चाहिए। संध्याकाल में किसी प्रकांड पंडित को बुलाकर सत्य नारायण की कथा श्रवण करवाना चाहिए। भगवान को भोग में चरणामृत, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, फल, फूल, पंचगव्य, सुपारी, दूर्वा आदि अर्पित करें। इससे सत्यनारायण देव प्रसन्न होते हैं।

इस पूजा में सबसे पहले गणेश जी की, इसके बाद इंद्र देव और नवग्रह सहित कुल देवी देवता की पूजा की जाती है। फिर ठाकुर जी और नारायण जी की। इसके बाद माता लक्ष्मी, पार्वती सहित सरस्वती की पूजा की जाती है। अंत में भगवान शिव और ब्रह्मा जी की पूजा की जाती है। इसके बाद आरती और हवन कर पूजा सम्पन्न किया जाता है।

Tags: puja pathSatyanarayan Puja KathaSatyanarayan Puja Vrat Labhसत्यनारायण व्रत कथासत्यनारायण व्रत पूजासत्यनारायण व्रत पूजा के लाभ Satyanarayan Puja
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