• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शादी का मतलन क्रूरता का लाइसेंस मिलना नहीं होता

Writer D by Writer D
23/03/2022
in राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

बेंगलुरु। पत्नी से रेप के मामले (Marital Rape) में कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने बड़ी टिप्पणी की है। बुधवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि शादी (Marriage) का मतलब यह नहीं है कि पति को पत्नी के साथ क्रूरता ( license for cruelty) का लाइसेंस मिल गया हो। इस दौरान हाईकोर्ट ने मैरिटल रेप के बढ़ते मामलों पर नाराजगी जाहिर की।

कोर्ट ने कहा कि शादी समाज में किसी भी पुरुष को विशेषाधिकार नहीं देती हैं और न ही इस तरह के अधिकार दे सकती है कि वह एक महिला के साथ जानवरों की तरह क्रूर व्यवहार करे। कोर्ट ने कहा कि अगर एक पुरुष किसी भी महिला के साथ बिना उसकी मर्जी के संबंध बनाता है तो वह आदमी दंडनीय है और तो दंडनीय ही होना चाहिए भले ही यह आदमी एक पति हो।

महिलाओं को अंदर से डरा देते हैं ऐसे मामले

कोर्ट ने कहा कि जब कोई पति अपनी पत्नी के साथ जबरन यौन संबंध बनाता है तो इससे महिला पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामले महिलाओं को अंदर से डरा देते हैं, जिससे उनके मन और शरीर दोनों पर प्रभाव पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि पति की ओर से पत्‍नी पर उसकी सहमति के बिना यौन हमले को रेप की तरह ही लिया जाना चाहिए।

क्या है मैरिटल रेप?

बिना पत्नी की इजाजत के पति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाने को मैरिटल रेप कहा जाता है। बिना सहमति के संबंध बनाने की वजह से ही इसे मैरिटल रेप की श्रेणी में रखा जाता है। मैरिटल रेप को पत्नी के खिलाफ एक तरह की घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न माना जाता है।

Previous Post

मौत की टॉफी: जहरीली टॉफी मामले में तीन हिरासत में

Next Post

28-29 मार्च को कार्य बहिष्कार करेंगे बिजलीकर्मी

Writer D

Writer D

Related Posts

Ashish Chauhan
उत्तराखंड

औचक निरीक्षणः कोरोनेशन अस्पताल की बदहाली पर भड़के डीएम, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश

01/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों को बताया “देवभूमि के आरोग्य प्रहरी”, सेवा भावना को किया नमन

01/07/2026
Ashish Chauhan
उत्तराखंड

मानसून में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकताः डॉ0 आशीष चौहान

01/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

धामी सरकार ने विकास कार्यों और आपदा राहत के लिए जारी किए रु. 8.61 करोड़, उत्तरकाशी के प्रभावित परिवारों को मिलेगी सहायता

01/07/2026
Madrasa Board abolished in Uttarakhand
उत्तराखंड

उत्तराखंड में शिक्षा सुधार का नया अध्याय: मदरसा बोर्ड समाप्त, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ

01/07/2026
Next Post
UPPCL

28-29 मार्च को कार्य बहिष्कार करेंगे बिजलीकर्मी

यह भी पढ़ें

Rahul Gandhi

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, कहा- ‘खर्चा पर भी चर्चा’ होनी चाहिए

08/04/2021
CM Yogi

गुरु तेग बहादुर ने विदेशी आक्रांताओं से कश्मीर और सनातन की रक्षा की- योगी आदित्यनाथ

06/12/2024
Truck-Trolley Collision

सड़क हादसे को देखने जमा हुए लोगों को ट्रक ने रौंदा, पांच की मौत

28/01/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version