• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बालिगों के शादी करने पर नहीं बनता उनके खिलाफ कोई आपराधिक केस: हाईकोर्ट

Writer D by Writer D
01/07/2023
in उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
Allahabad High Court

Allahabad High Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि बालिगों ने अपनी मर्जी से शादी कर ली है और दोनों अपना वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं तो उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है। कोर्ट (Allahabad High Court) ने मामले में पति (याची नंबर दो) के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को आपराधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना और उसे रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने रेखा सिंह व चार अन्य की ओर से दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

मामले में शिकायतकर्ता ने याची रेखा सिंह (याची संख्या एक) के पति सहित दो अन्य पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ पुत्री का अपहरण और उसे भगा लेने का आरोप लगाते हुए शाहजहांपुर के मदनपुर थाने में 24 मई 23 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। याचियों (पति और पत्नी व दो अन्य) की ओर से इसे चुनौती दी गई।

प्रक्रिया के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने वाले की पुत्री का बयान दर्ज कराया गया। कोर्ट (Allahabad High Court) में उसका बयान सील कवर में दाखिल किया गया। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता की पुत्र बालिग है और उसने अपनी मर्जी से याची पति से शादी की है। दोनों वैवाहित जीवन बिता रहे हैं।

CM योगी ने अखिलेश यादव को दी जन्मदिन की बधाई

याचियों के अधिवक्ता ने कहा कि पुत्री का अपहरण कर शादी करने का अपराध बन नहीं रहा है। क्योंकि याचीगण बालिग हैं। प्राथमिकी दर्ज करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। सुप्रीम कोर्ट ने कविता चंद्रकांत लखानी बनाम महाराष्ट्र राज्य सहित कई अन्य मामलों में प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश दिया है।

मौजूदा मामला भी इसी तरह का है। इस वजह से इसे भी रद्द किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि मामला दो व्यक्तियों के जीवन और साथी चुनने की स्वतंत्रता का है। प्रत्येक बालिग को उसे अपनी इच्छानुसार किसी के साथ रहने का अधिकार है। क्योंकि, याची रेखा सिंह ने जो कि बालिग है और अपनी मर्जी से शादी कर पति (याची नंबर दो) के साथ रह रही है। लिहाजा, प्राथमिकी का कोई मतलब नहीं है। इस वजह से इसे रद्द किया जाता है।

Tags: Allahabad High CourtPrayagraj Newsup news
Previous Post

CM योगी ने अखिलेश यादव को दी जन्मदिन की बधाई

Next Post

शिव मंदिर के साधु की हत्या, जाली अवस्था में मिला शव

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में सीएम योगी करेंगे श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

30/04/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को दी बड़ी राहत

30/04/2026
CM Yogi
Main Slider

कांग्रेस और सपा जन्मजात महिला विरोधी, गिरगिट की तरह बदलते हैं रंग: सीएम योगी

30/04/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर आधी आबादी के साथ किया ‘जघन्य अपराध’

30/04/2026
women's reservation protest
Main Slider

विधान सत्र से पहले प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर बढ़ी सियासी गर्मी

30/04/2026
Next Post
Murder

शिव मंदिर के साधु की हत्या, जाली अवस्था में मिला शव

यह भी पढ़ें

Snowfall

पहाड़ों की वादियों पर बिछी सफ़ेद चादर, मैदानी इलाकों में शुरू हुआ सर्दी का सितम

12/12/2024
सचिन पायलट- अशोक गहलोत

सचिन पायलट ने अशोक गहलोत गुट पर किया पलटवार, बोले- घिनौने आरोपों पर आश्चर्यचकित नहीं

20/07/2020
AK Sharma

वृक्षारोपण अभियान को यादगार बनाने के लिए अधिक से अधिक थीमवेस्ड पौधारोपण कराएं: एके शर्मा

18/07/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version