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कब रखा जाएगा करवा चौथ व्रत, जानें 16 श्रंगार का महत्व

Writer D by Writer D
16/09/2023
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
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Karwa Chauth

Karwa Chauth

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हिंदू धर्म में करवा चौथ (Karwa Chauth) व्रत का विशेष महत्व है। यह त्योहार उत्तर भारत में विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ व्रत रखा जाता है। इस साल करवा चौथ व्रत 1 नवंबर 2023 को रखा जाएगा। पंडित प्रभु दयाल दीक्षित यहां करवा चौथ (Karwa Chauth) व्रत के पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

करवा चौथ (Karwa Chauth) व्रत का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल 31 अक्टूबर 2023 की रात 9.30 मिनट पर चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी और यह 01 नवंबर 2023 को रात 9.19 मिनट समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, करवा चौथ व्रत 1 नवंबर 2023 को ही रखा जाना चाहिए। पंचाग के अनुसार, पूजा का शुभ समय 1 नवंबर को शाम 5.44 मिनट से शुरू होगा, जो शाम 7.02 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा व्रत खोलने के लिए चंद्रोदय का समय रात 8.26 मिनट बजे का है।

पूजा के दौरान जरूर रखें ये सामग्री

करवा चौथ (Karwa Chauth) व्रत के दौरान कुमकुम, चावल, हल्दी, अबीर, गुलाल, मेहंदी, मौली, फूल, फल, प्रसाद के साथ-साथ मिट्टी के दो दीए और करवे में लगाने के लिए कांस की तीलियां जरूर रखना चाहिए। वहीं चंद्र दर्शन के बाद पति का चेहरा देखने के लिए छलनी भी जरूर रखना चाहिए।

16 सिंगार का इसलिए महत्व

करवा चौथ (Karwa Chauth) व्रत के दिन 16 सिंगार किए जाने का विशेष महत्व है। महिला निर्जला रहते हुए रात के समय चंद्रदेव को अर्घ्य देने के बाद अपने पति के हाथों पानी पीकर महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं। इस दिन 16 सिंगार करना शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता के मुताबिक इस दिन चंद्रदेव, भगवान गणेश, माता पार्वती, माता करवा और भगवान शिव की आराधना की जाती है। करवा चौथ का निर्जला व्रत महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। धर्म ग्रंथों के मुताबिक, सबसे पहले यह व्रत माता पार्वती ने शिव जी को पाने के लिए रखा था।

Tags: Karwa ChauthKarwa Chauth 2023karwa chauth datekarwa Chauth muhurt
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