• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

Navratri 7th Day: मां कालरात्रि को अर्पित करें उनका प्रिय भोग, पूरी हो जाएंगी सभी मनोकामनाएं

Writer D by Writer D
29/09/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
maa kaalratri

maa kaalratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सोमवार, 29 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) का सातवां दिन है। नवरात्रि (Navratri) के सातवें दिन को महासप्तमी भी कहते हैं, जिसका विशेष महत्व माना गया है। इस दिन मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि, देवी दुर्गा का सातवां रूप हैं और उनका यह उग्र स्वरूप दुष्टों और राक्षसों के संहार के लिए होता है।

नवरात्रि  के सातवें दिन मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) को गुड़ से बनी चीजें जैसे मालपुआ या गुड़ की खीर का भोग लगाया जाता है। गुड़ के अलावा, मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) को उड़द की दाल और चावल का भोग भी लगाया जाता है, जिससे मां प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ बहुत प्रिय है। ऐसे में नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) को आप गुड़ से बनी मिठाई, मालपुआ या गुड़ की खीर का भोग लगा सकते हैं। साथ ही, उड़द की दाल और चावल भी मां कालरात्रि को अर्पित किए जा सकते हैं।

ऐसा माना जाता है कि मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) को उनका प्रिय गुड़ भोग लगाने से वह प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करती हैं। नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।

मां कालरात्रि (Maa Kaalratri) विद्युत की माला धारण करती हैं, जबकि काली माता नरमुंड की माला धारण किए हैं। कालरात्रि माता दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं, जबकि माता काली दस महा विद्याओं में से एक मानी गई हैं। माता काली के हाथ में कटा हुआ सिर है जबकि माता कालरात्रि नरमुंड नहीं पकड़ती हैं।

Tags: Maa Kaalratri
Previous Post

शारदीय नवरात्रि व्रत का पारण कब है? जानें नियम

Next Post

नवरात्रि व्रत में खाने के लिए बनाएं अरबी फ्राई, फलाहार थाली का बढ़ जाएगा जायका

Writer D

Writer D

Related Posts

Coconut Oil
फैशन/शैली

नेचुरल ग्लो पाने के लिए इनका करें इस्तेमाल

02/07/2026
Hair Color
फैशन/शैली

बालों को कलर करते समय इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो जाएंगे खराब

02/07/2026
Sooji Pakora
फैशन/शैली

बरसात का मौसम लगेगा और भी सुहाना जब मिल जाएगा इन पकौड़े का साथ

02/07/2026
Makeup
फैशन/शैली

मोटा चेहरे पर मेकअप करते समय इन बातों का रखें ध्यान

02/07/2026
walnut
फैशन/शैली

वजन घटाने में सहायक है ये मेवा

02/07/2026
Next Post
Arbi Fry

नवरात्रि व्रत में खाने के लिए बनाएं अरबी फ्राई, फलाहार थाली का बढ़ जाएगा जायका

यह भी पढ़ें

Ganga Dussehra

कब मनाया जाएगा गंगा दशहरा का पावन पर्व, इस शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान

08/06/2024
Anandi Ben

राम मन्दिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा : राज्यपाल

02/02/2024
Masik Durgashtami

जानें सावन में कब है मासिक दुर्गा अष्टमी, नोट करें शुभ मुहूर्त

07/08/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version