• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

72 साल बाद चैत्र नवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त

Writer D by Writer D
18/03/2026
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Chaitra Navratri

Chaitra Navratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) में 72 सालों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है जब मां अंबे का स्वागत और चैत्र अमावस्या का स्नान-दान एक ही दिन किया जाएगा। दरअसल 19 मार्च 2026 को अमावस्या और प्रतिपदा तिथि का मेल हो रहा है। इस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि रहेगी। जिस वजह से अमावस्या से जुड़े कर्मकांड 19 तारीख की सुबह में किए जाएंगे। वहीं मां दुर्गा का आगमन भी इसी दिन किया जाएगा। चलिए जानते हैं ऐसे में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है।

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 2026

चैत्र नवरात्रि के दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च 2026 की सुबह 06 बजकर 52 मिनट से 09 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। वहीं घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 20 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 की सुबह 06 बजकर 52 मिनट से 20 मार्च 2026 की सुबह 04 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि लग जाएगी।

कलश स्थापना (Navratri Kalash Sthapana) की सरल विधि

– सबसे पहले तो कलश स्थापना के स्थान का चयन करें। घर की उत्तर-पूर्व दिशा घटस्थापना के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। आप चाहें तो घर के मंदिर के पास भी कलश स्थापित कर सकते हैं।
– कलश स्थापना के लिए एक मिट्टी के पात्र में शुद्ध मिट्टी डालें और उसमें जौ बोएं।
– फिर तांबे या मिट्टी का कलश लें और उसके मुख पर कलावा बांध लें। फिर उसमें जल, गंगाजल, सिक्का, सुपारी और अक्षत डालें।
– फिर कलश के मुख पर आम के 5 पत्ते रखें और उसके ऊपर एक जटा वाले नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर रख दें।
– इसके बाद कलश की विधि विधान पूजा करें।
– इसके बाद हाथ में जल लेकर मां दुर्गा का ध्यान करें और व्रत करने का संकल्प लें।
– नौ दिनों तक माता के साथ-साथ कलश की भी पूजा करें।

Tags: Chaitra navratriChaitra Navratri2026
Previous Post

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बड़े निवेश की रफ्तार तेज, तीन कंपनियों को भूमि आवंटन

Next Post

सोना के बढे दाम, चांदी ने भी तरेरी आंखें

Writer D

Writer D

Related Posts

Raghav Chadha
Main Slider

Raghav Chadha पर AAP का बड़ा एक्शन, उपनेता पद से हटे, बोलने पर भी रोक

02/04/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

01/04/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की शिष्टाचार भेंट

01/04/2026
Marriage
Main Slider

पति के लिए वरदान होती है ‘ऐसी’ पत्नियां, जानें वो खास गुण

01/04/2026
Chaitra Purnima
धर्म

चैत्र पूर्णिमा के दिन करें इन चीजों का दान, घर में होगा सुख समृद्धि का वास

01/04/2026
Next Post
Gold

सोना के बढे दाम, चांदी ने भी तरेरी आंखें

यह भी पढ़ें

Solar City

अयोध्या मॉडल सोलर सिटी घोषित, शुरू हुई 40 मेगावॉट की सौर परियोजना

31/07/2024
rashmi desai

रश्मि देसाई ने खरीदी शानदार रेंज रोवर कार, दोस्तों ने दी बधाई

02/09/2020
CM Yogi

जनता दर्शन में बोले मुख्यमंत्री योगी, सबकी समस्या का होगा समाधान

06/10/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version