हरियाणा के पंचकूला मेयर कार्यालय और नगर निगम को एक अत्यंत संवेदनशील और धमकी भरा ईमेल भेजा गया है। इस ईमेल में पंचकूला मेयर दफ्तर, उत्तर भारत के कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक हिंदू मंदिरों तथा दिल्ली-अंबाला-चंडीगढ़ रेलवे ट्रैक को आईईडी (IED) ब्लास्ट के जरिए उड़ाने (Bomb Threat) की खुली धमकी दी गई है। यह धमकी भरा मेल आज, 4 जून को सुबह 09:54 बजे नगर निगम और मेयर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर प्राप्त हुआ, जिसमें ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ और ‘हरियाणा बनेगा खालिस्तान’ जैसे गंभीर और आपत्तिजनक नारों का इस्तेमाल किया गया है।
धमकी में ब्लास्ट का समय निर्धारित, रूट पर सफर न करने की चेतावनी
ईमेल भेजने वाले साजिशकर्ताओं ने धमाके (Bomb Threat) करने के लिए बाकायदा एक निश्चित समय भी निर्धारित किया है। मेल के दावों के अनुसार, पंचकूला मेयर दफ्तर में दोपहर 1:11 बजे से दोपहर 3:11 बजे के बीच धमाका किया जाएगा। वहीं, दिल्ली-अंबाला-चंडीगढ़ रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए सुबह 9:11 बजे और रात 9:11 बजे का समय तय किया गया है। ईमेल में यात्रियों को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि वे 5 और 6 जून को दिल्ली-अंबाला-चंडीगढ़ रूट पर सफर करने से बचें और अपने बच्चों को सुरक्षित रखें, क्योंकि इस दौरान ट्रैक पर आईईडी धमाके किए जाएंगे।
निशाने पर उत्तर भारत के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हिंदू मंदिर
साजिशकर्ताओं ने 6 जून 1984 को हुए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला लेने की बात कहते हुए उत्तर भारत के कई प्रमुख और ऐतिहासिक हिंदू मंदिरों को बम धमाकों (Bomb Threat) से तबाह करने की धमकी दी है। ईमेल में विशेष रूप से निम्नलिखित मंदिरों को निशाना बनाने की सूची दी गई है:
कालका जी मंदिर (कालका जी)
भीमा देवी मंदिर (पिंजौर)
कार्तिकेय मंदिर (पिहोवा)
स्थाणेश्वर महादेव मंदिर (कुरुक्षेत्र)
गौरी शंकर मंदिर (चांदनी चौक, दिल्ली)
योगमाया मंदिर (महरौली, दिल्ली)
प्रशासन तुरंत एक्शन में, डीसीपी और हरियाणा पुलिस को भेजी रिपोर्ट
इस बेहद संवेदनशील और धमकी भरे ईमेल के प्राप्त होते ही पंचकूला नगर निगम का प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। मेयर कार्यालय की ओर से सुबह 10:27 बजे ही इस पूरे मामले की जानकारी और ईमेल की मूल कॉपी डीसीपी पंचकूला तथा हरियाणा पुलिस को त्वरित कार्रवाई के लिए फॉरवर्ड (भेज) कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने रेलवे स्टेशनों, सूचीबद्ध संवेदनशील धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों के आसपास पुलिस गश्त तथा चेकिंग को कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं और ईमेल के आईपी (IP) एड्रेस को ट्रेस कर भेजने वाले का पता लगाने में जुट गई हैं।









