भारतीय खेल जगत के लिए शुक्रवार की सुबह बेहद दुखद खबर लेकर आई। देश के दिग्गज निशानेबाज, एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता और सफल कोच जसपाल राणा (Jaspal Rana) का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप से लौटते समय जसपाल राणा की तबीयत बिगड़ गई थी। फ्लाइट के दौरान उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद दिल्ली पहुंचने पर उन्हें साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी सर्जरी भी की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद गुरुवार रात उनका निधन हो गया।
खिलाड़ी से कोच तक शानदार सफर
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे जसपाल राणा (Jaspal Rana) ने 1990 के दशक में भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाई। उन्होंने 1994 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। इसके बाद 2006 के एशियाई खेलों में भी कई स्वर्ण पदक अपने नाम कर इतिहास रचा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। वे भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ एथलीटों में गिने जाते हैं और उनके नाम 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक दर्ज हैं।
मनु भाकर समेत कई सितारों को तराशा
खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मनु भास्कर , सौरभ चौधरी और ईशा सिंह जैसे कई प्रतिभाशाली निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया। उनकी कोचिंग में भारतीय पिस्टल शूटिंग टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं।
कई प्रतिष्ठित सम्मानों से हुए सम्मानित
भारतीय खेलों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन अवार्ड , पद्मा श्री और द्रोणाचार्य अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
जसपाल राणा (Jaspal Rana) का जाना भारतीय निशानेबाजी के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।








