लखनऊ: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, सात कालिदास मार्ग पर राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के अमर रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय तथा सामाजिक न्याय के अग्रदूत राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती के अवसर पर उनके स्मृति-चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उन्हें विनम्र नमन किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा कि बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी भारतीय साहित्य के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी लेखन और अमर राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के माध्यम से देशवासियों के मन में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रति अदम्य चेतना का संचार किया। उनका साहित्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और आत्मगौरव का अमूल्य धरोहर है, जो आज भी प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित में समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
उपमुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने कहा कि राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवता के महान पुरोधा थे। उन्होंने समाज के वंचित, पिछड़े एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए अनेक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी कदम उठाए। उनके दूरदर्शी विचारों और लोककल्याणकारी नीतियों ने सामाजिक समरसता और समानता को सशक्त आधार प्रदान किया। उनका जीवन सेवा, संवेदनशीलता और समावेशी विकास का अनुपम उदाहरण है।
श्री मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा कि इन दोनों महान विभूतियों का जीवन हमें राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, शिक्षा, समानता और जनसेवा के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उपमुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान, सामाजिक न्याय, सुशासन और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रदेश सरकार जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने (Keshav Maurya) प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी नागरिक इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और विकास को सशक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।









