पहलगाम: जम्मू-कश्मीर में जारी भारी बारिश, लैंडस्लाइड और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) प्रभावित होने से अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को एहतियातन रोक दिया गया है। खराब मौसम और सड़क मार्ग पर पत्थरों के गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों ही मार्गों से यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर रखा है।
NH-44 पर यातायात ठप और यात्रियों के लिए इंतजाम
खराब मौसम के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर कई जगहों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ है। यात्रा रोके जाने के बाद प्रशासन ने रामबन जिले के चंदरकोट (यात्रा निवास) और बनिहाल के लंबर ग्राउंड में श्रद्धालुओं के रुकने का सुरक्षित प्रबंध किया है। इसके अलावा कटरा और उधमपुर के बेस कैंपों पर भी यात्रियों को रोका गया है ताकि वे जोखिम वाले इलाकों की तरफ न बढ़ें। प्रशासनिक अधिकारी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की टीमें लगातार मलबे को हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने के काम में जुटी हैं।
हाईवे की बहाली और मौसम पर निर्भर करेगी यात्रा
स्थानीय प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) का कहना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और NH-44 पर सुरक्षित यातायात बहाल कर दिया जाएगा, यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एडवाइजरी और मौसम विभाग (IMD) के निर्देशों का पालन करें तथा मार्ग पूरी तरह साफ होने तक ठहराव स्थलों पर ही बने रहें।
अमरनाथ यात्रा 2026 की अवधि
इस वर्ष की वार्षिक अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 3 जुलाई 2026 को हुआ था, जिसका समापन सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त 2026 को होगा। श्रद्धालु इस यात्रा में मुख्य रूप से दो मार्गों—पहलगाम (पारंपरिक व लंबा मार्ग) और बालटाल (छोटा परंतु तीव्र चढ़ाई वाला मार्ग)—का उपयोग कर पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं।









