सावन शिवरात्रि (Sawan Shivratri) 11 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी। सावन और मंगलवार का संयोग होने से इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा से शिवलिंग का जलाभिषेक और पूजा करने से मन को शांति मिलती है और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।
पंचामृत से करें अभिषेक
संतान सुख की कामना रखने वाले दंपति इस दिन भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इसके बाद जल और कच्चे दूध से भी अभिषेक किया जा सकता है।
108 बेलपत्र चढ़ाएं
पति-पत्नी साथ मिलकर शिवलिंग पर 108 बेलपत्र अर्पित कर सकते हैं। हर बेलपत्र चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने की परंपरा है। इसके साथ धतूरा और सफेद फूल भी अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा के बाद संतान के स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना करें।
शिव-पार्वती का करें गठबंधन
संतान सुख की कामना के लिए शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीकात्मक गठबंधन भी कराया जाता है। इसके लिए कलावा या लाल चुनरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद पति-पत्नी साथ मिलकर संतान सुख और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।
रखें श्रद्धा और संयम
धार्मिक मान्यताओं में इन उपायों को शुभ बताया गया है, लेकिन इन्हें आस्था और परंपरा के रूप में ही देखना चाहिए। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव का स्मरण करें।








