• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

यूपी में जापानी निवेश को लेकर बिजनेस लीडर्स ने जताया भरोसा, आरएंडडी, स्किलिंग और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर जोर

Writer D by Writer D
19/08/2026
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
UP-Japan Investment Meet 2026

UP-Japan Investment Meet 2026

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। जापान और उत्तर प्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित राउंडटेबल मीटिंग में विभिन्न जापानी और भारतीय कंपनियों के बिजनेस लीडर्स एवं सीईओ ने उत्तर प्रदेश में अपने अनुभव, वर्तमान निवेश, विस्तार योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं को साझा किया। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ऑटो कंपोनेंट, ईवी, फार्मास्युटिकल, एडवांस मटेरियल, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बिजनेस लीडर्स ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, स्किल्ड मैनपावर और गवर्नमेंट सपोर्ट को महत्वपूर्ण बताया। कई निवेशकों ने राज्य में अपने मौजूदा निवेश को बढ़ाने तथा नई विनिर्माण इकाइयां और आरएंडडी सेंटर स्थापित करने की योजनाओं की जानकारी दी।

*जापान-यूपी साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर*

राउंडटेबल में जापान-उत्तर प्रदेश साझेदारी को लेकर निवेशकों ने सकारात्मक रुख व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत और जापान के बीच लंबे समय से विश्वास पर आधारित संबंध हैं और उत्तर प्रदेश के साथ बढ़ता औद्योगिक सहयोग इस रिश्ते को आर्थिक एवं तकनीकी साझेदारी में और मजबूत कर सकता है। बैठक में यह भी कहा गया कि जापानी कंपनियां केवल भारतीय घरेलू बाजार के लिए निवेश नहीं देख रही हैं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन, एक्सपोर्ट और फ्यूचर टेक्नोलॉजी के नजरिये से भी उत्तर प्रदेश को महत्वपूर्ण मान रही हैं।

ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुडी कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी पिछले करीब 40 वर्षों से उत्तर प्रदेश में कारोबार कर रही है। समूह के भारत और विदेशों में 45 से अधिक प्लांट हैं और करीब 9,000 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर निवेश की योजना बनाई है। यहां जापानी कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर्स के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और ईवी कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। कंपनी की योजना भारत के साथ-साथ निर्यात बाजारों के लिए एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद तैयार करने की है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) गतिविधियों को बढ़ाने की भी इच्छा जताई।  

उन्होंने राज्य सरकार के सामने दो प्रमुख सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आर एंड डी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव्ड और सपोर्ट दिया जाना चाहिए। इससे कंपनियां राज्य में अपने टेक्निकल सेंटर और रिसर्च गतिविधियों को और विस्तार दे सकेंगी। दूसरा सुझाव स्किलिंग और स्किल्ड मैनपावर अवेलेबिलिटी को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में इंडस्ट्री-रेडी स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

फार्मास्युटिकल क्षेत्र से जुड़े जापानी प्रतिनिधि ने भारत में अपनी कंपनी की करीब 20 वर्ष पुरानी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कंपनी ने भारत में उत्पादन और रिसर्च से जुड़ी गतिविधियों को विकसित किया है। उन्होंने भारत में स्थापित विनिर्माण और रिसर्च क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में काम करने का उनका अनुभव सकारात्मक रहा है और कंपनी भविष्य में भी यहां अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की इच्छुक है।

एक जापानी बिजनेस ग्रुप के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी का भारत के साथ लंबा कारोबारी संबंध है। भारत में कंपनी के निवेश और विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में उसकी मौजूदगी है। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों के लिए भारत केवल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन नहीं है, बल्कि यहां लंबे समय के लिए बिजनेस डेवलपमेंट, सप्लाई चेन, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ भविष्य के नए अवसरों पर मिलकर काम करने की इच्छा जताई।

सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल क्षेत्र से जुड़े बिजनेस लीडर ने उत्तर प्रदेश में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) को एक महत्वपूर्ण औद्योगिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि एसएएफ में मैन्युफैक्चरिंग, मल्टीप्लायर इफेक्ट और एक्सपोर्ट पोटेंशियल तीनों मौजूद हैं। उन्होंने जापान को संभावित निर्यात बाजार बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल की मांग बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य की नीति में ऐसे प्रोत्साहनों को शामिल किया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश के अंतर्देशीय क्षेत्रों में बनने वाले उत्पादों को देश के तटीय राज्यों के पोर्ट्स के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सके। इससे एक्सपोर ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े एक जापानी प्रतिनिधि ने उत्तर प्रदेश के बड़े बाजार और यहां उपलब्ध प्रतिभाशाली मानव संसाधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही भारत में प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए सप्लाई कर रही है और बढ़ते भारतीय बाजार को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल उत्पादों की सप्लाई करना नहीं है, बल्कि भारत में अपनी सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग इको सिस्टम को भी मजबूत करना है। इसके लिए एक्सपोर्ट और लोकल मैन्युफैक्चरिंग दोनों पर काम किया जा रहा है।

मदरसन ग्रुप के प्रेसिडेंट संजय मेहता ने बताया कि कंपनी की स्थापना उत्तर प्रदेश में वर्ष 1975 में हुई थी और तब से राज्य के साथ उसका मजबूत औद्योगिक संबंध बना हुआ है। समूह का वैश्विक कारोबार अब बड़े स्तर पर पहुंच चुका है और दुनिया के विभिन्न देशों में उसके सैकड़ों प्लांट हैं। उन्होंने बताया कि समूह के भारत में करीब 175 प्लांट हैं, जिनमें से 55 प्लांट उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में करीब एक लाख लोगों को रोजगार देती है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी के ग्लोबल हेडक्वार्टर नोएडा में स्थित हैं। नोएडा अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश सरकार से मिले सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं पर लगातार काम कर रही है।

लोहम के फाउंडर रजत वर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी ने वर्ष 2018 में ग्रेटर नोएडा से अपनी यात्रा शुरू की थी। उन्होंने कहा कि कंपनी के उत्तर प्रदेश में चार प्लांट, तीन पायलट प्लांट और एक आर एंड डी सेंटर हैं, जिनसे करीब 1,000 लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी दो नए प्लांट स्थापित कर रही है। इनमें से एक रेयर-अर्थ बेस्ड मैग्नेट निर्माण से जुड़ा होगा। इसे भारत का पहला ऐसा प्लांट बताया गया जो प्राथमिक और रिसाइकल्ड मटेरियल दोनों से मैग्नेट बनाने की दिशा में काम करेगा। इसके अलावा कंपनी भारत में निकल मैग्नीज कोबाल्ट कैथोड प्लांट भी स्थापित कर रही है। दोनों परियोजनाओं में कुल करीब 1,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश और लगभग 1,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना बताई गई। उन्होंने कहा कि जापानी विशेषज्ञों की इंजीनियरिंग और तकनीकी विशेषज्ञता को भारत में स्किलिंग एवं इंडस्ट्री ट्रेनिंग के साथ जोड़ा जा सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में एडवांस मटेरियल के क्षेत्र में आर एंड डी और इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम विकसित करने की भी इच्छा जताई।

एलएंडटी सेमीकंडक्टर के ग्लोबल सीईओ संदीप कुमार ने कहा कि उनकी कंपनी जापानी कंपनियों के साथ पहले से ही करीबी तौर पर काम कर रही है और इस संबंध को उत्तर प्रदेश में और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कंपनी का नोएडा में कार्यालय है और जापान के साथ उसके तकनीकी एवं कारोबारी संबंध लंबे समय से हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया। कंपनी ने अगले पांच वर्षों में करीब 500 नए स्टार्टअप्स को विकसित करने के लिए एक बड़े इकोसिस्टम की दिशा में काम करने की योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि इस पहल को टियर 2 और टियर 3 सिटीज तक ले जाने की जरूरत है, क्योंकि नॉलेज इकॉनामी के माध्यम से बड़े पैमाने पर हाई स्किल्ड और हाई पेइंग जॉब्स तैयार किए जा सकते हैं। कंपनी भारत में डेटा सेंटर क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने जापान के साथ मिलकर डेटा सेंटर की सप्लाई चेन को और प्रभावी बनाने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। 

एक अन्य जापानी औद्योगिक समूह के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी करीब 75 वर्षों से मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम कर रही है और दुनिया के विभिन्न महाद्वीपों में उसकी मौजूदगी है। भारत में कंपनी ने हाल में अपनी गतिविधियां शुरू की हैं और अब मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की संभावनाओं पर विचार कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत जापान के बाहर कंपनी के महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में शामिल हो सकता है।

ऑटो कंपोनेंट कंपनी डेन्सो के प्रतिनिधि ने कहा कि नोएडा स्थित कंपनी का प्लांट लंबे समय से उत्पादन कर रहा है और उत्तर प्रदेश में कंपनी को लगातार सरकार का सहयोग मिला है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने हाल में नोएडा में करीब 500 करोड़ रुपये के नए निवेश को मंजूरी दी है और निर्माण गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इस निवेश से करीब 500 से 1,000 नए रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर गवर्नेंस और सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में जापानी कंपनियों के बीच भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि कंपनी युवाओं की स्किलिंग पर भी काम कर रही है। अब तक करीब 400 युवाओं को कॉलेज स्तर से जोड़कर प्रशिक्षित किया गया है। 

राउंडटेबल में शामिल बिजनेस लीडर्स ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए सरकार की सक्रिय भूमिका, बेहतर प्रशासन, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों को मिलने वाला सहयोग महत्वपूर्ण है। निवेशकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल देश के बड़े घरेलू बाजार के रूप में नहीं, बल्कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी उभर रहा है। जापानी कंपनियों के लिए राज्य में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ईवी, एडवांस मटेरियल, फार्मा, ग्रीन एनर्जी और एविएशन जैसे क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं।

Tags: up newsUP-Japan Investment Meet 2026
Previous Post

वन अधिकारी सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी नहीं, प्रकृति के प्रहरी हैं: धामी

Next Post

विकास और संरक्षण विरोधी नहीं, दोनों साथ चल सकते हैं: उपराष्ट्रपति

Writer D

Writer D

Related Posts

Dhami government's gift on Raksha Bandhan
Main Slider

रक्षाबंधन पर धामी सरकार की सौगात, 28-29 अगस्त को रोडवेज बसों में महिलाओं का सफर मुफ्त

19/08/2026
CP Radhakrishnan
Main Slider

विकास और संरक्षण विरोधी नहीं, दोनों साथ चल सकते हैं: उपराष्ट्रपति

19/08/2026
CM Dhami
Main Slider

वन अधिकारी सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी नहीं, प्रकृति के प्रहरी हैं: धामी

19/08/2026
Anand Bardhan
Main Slider

ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखंड में अभी से शुरू होगी प्रतिभाओं की तलाश

19/08/2026
Ashwini Vaishnaw
उत्तर प्रदेश

भारत की आर्थिक विकास यात्रा के चार स्तंभों से यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं: अश्विनी वैष्णव

19/08/2026
Next Post
CP Radhakrishnan

विकास और संरक्षण विरोधी नहीं, दोनों साथ चल सकते हैं: उपराष्ट्रपति

यह भी पढ़ें

फिल्म ‘तेजस’ की शूटिंग के लिए अंडमान पहुंची Kangana

27/10/2021

बड़ा फैसला : अब यहां बाइक में 5 और कार में 10 लीटर ही भरवा सकेंगे पेट्रोल

11/08/2020
The entire family was found dead

नाले में मिले मां-बेटी के शव, इलाके में फ़ैली सनसनी

12/09/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version