लखनऊ। प्रदेश की निराश्रित एवं विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा देने वाली इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना को लेकर योगी सरकार ने वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 380 करोड़ 15 लाख 74 हजार रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। यह राशि भारत सरकार से प्राप्त केंद्रांश (मदर सैंक्शन) के उपयोग के लिए नवीन लेखाशीर्षक यानी नए बजट हेड में उपलब्ध कराई गई है। इस संबंध में महिला कल्याण विभाग द्वारा शासनादेश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार से प्राप्त मदर सैंक्शन की धनराशि का उपयोग चालू वित्तीय वर्ष में योजना के अंतर्गत किया जाएगा।
इस वित्तीय व्यवस्था का उद्देश्य योजना के अंतर्गत पात्र निराश्रित और विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पेंशन संबंधी खर्च को सुचारु बनाए रखना है। वित्तीय नियमों के अनुसार इस्तेमाल होगी धनराशि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना योगी सरकार की प्राथमिकता है।
मिशन शक्ति सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्वीकृत धनराशि का इस्तेमाल निर्धारित मद में ही किया जाएगा। धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकता और वित्तीय नियमों के अनुसार होगा। जरूरतमंद महिलाओं तक समयबद्ध पहुंचेगी सहायता अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग) लीना जौहरी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में निराश्रित और विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विधवा पेंशन योजना के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहारा देने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत 380 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि से योजना के संचालन और पात्र लाभार्थियों तक पेंशन का लाभ पहुंचाने में और मजबूती आएगी। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र महिला सामाजिक सुरक्षा के इस लाभ से वंचित न रहे और उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध सहायता मिल सके।







