• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नेपाल-भारत सीमा पर स्थापित शहीद स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक: धामी

Writer D by Writer D
01/09/2026
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
0
CM Dhami

CM Dhami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

बनबसा। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा क्षेत्र में सोमवार को सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी(CM Dhami)  ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधिवत पूजा-अर्चना के बाद स्मारक और झंडा पार्क का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान एसएसबी जवानों ने बिगुल वादन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को नमन किया। सीमांत क्षेत्र में नवनिर्मित शहीद स्मारक के साथ विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा भी स्थापित किया गया, जिसका मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया।

देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है स्मारक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण गौरव और सम्मान का विषय है। यह स्मारक देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के साहस, त्याग और बलिदान की स्मृतियों को सदैव जीवंत रखेगा।

उन्होंने कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को उन वीर जवानों के योगदान की याद दिलाता रहेगा, जिन्होंने विषम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश की सीमाओं की रक्षा का दायित्व निभाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मारक युवाओं को देश सेवा, समर्पण और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित करेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों को ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों को पहले देश के ‘अंतिम गांव’ या ‘अंतिम क्षेत्र’ के रूप में देखा जाता था, उन्हें अब देश के ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में पहचान दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सैनिकों, उनके परिवारों के कल्याण और वीर शहीदों की स्मृतियों को सम्मान देने को प्राथमिकता दी जा रही है। सीमांत क्षेत्रों में विकास और राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े प्रयासों के साथ स्थानीय लोगों और सैन्य परिवारों के योगदान को भी उचित सम्मान दिया जा रहा है।

‘मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूं’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं और इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस कार्य से उनका भावनात्मक जुड़ाव है।

उन्होंने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूं। इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है। प्रदेश के बड़ी संख्या में परिवारों का सेना और अर्धसैनिक बलों से किसी न किसी रूप में जुड़ाव रहा है और उत्तराखंड के वीर जवान देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

वीर नारियों और वीरता पदक विजेता का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और वीरता पदक विजेता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली वीर नारियों में सरस्वती देवी, पत्नी स्वर्गीय सिपाही उत्तम चन्द; लक्ष्मी देवी, पत्नी स्वर्गीय हवलदार किशन सिंह; कमला देवी, पत्नी स्वर्गीय गार्डसमैन दुर्गादत्त; खीमा देवी, पत्नी स्वर्गीय नायक हयात सिंह; माया चन्द, पत्नी स्वर्गीय सिपाही ललित मोहन; सरस्वती देवी, पत्नी स्वर्गीय लांस नायक जय बहादुर चन्द; ललिता चन्द, पत्नी स्वर्गीय सिपाही प्रेम चन्द; गीता देवी, पत्नी स्वर्गीय नायक जगदीश सिंह तथा पिंकी रैसवाल, पत्नी स्वर्गीय सिपाही राहुल रैसवाल शामिल रहीं।

इसके अलावा वीर माता लक्ष्मी देवी, माता स्वर्गीय नायक खीम सिंह तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा को भी सम्मानित किया गया। सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा को सेना मेडल प्राप्त है।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया। उन्होंने एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है। राज्य सरकार सैनिकों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी, सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं और वीर नारियां उपस्थित रहीं।

Tags: cm dhami
Previous Post

सीएम धामी ने ₹63 करोड़ की योजनाओं को दी वित्तीय मंजूरी

Next Post

UP PET-2026: अब अभ्यर्थी 7 सितंबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

Writer D

Writer D

Related Posts

Swami Narendranand
Main Slider

अखिलेश के AI वीडियो पर भड़के स्वामी नरेंद्रानन्द, बोले- ‘चोर-उचक्के रच रहे योगी के खिलाफ कुचक्र’

01/09/2026
UPSSSC
Main Slider

UP PET-2026: अब अभ्यर्थी 7 सितंबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

01/09/2026
CM Dhami
Main Slider

सीएम धामी ने ₹63 करोड़ की योजनाओं को दी वित्तीय मंजूरी

01/09/2026
CM Dhami
Main Slider

उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री धामी

01/09/2026
Halshasthi Vrat
Main Slider

संतान सुख की प्राप्ति के लिए महिलाएं करें हल षष्ठी व्रत, जानिए इसकी पूजा-विधि

01/09/2026
Next Post
UPSSSC

UP PET-2026: अब अभ्यर्थी 7 सितंबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

यह भी पढ़ें

Life Imprisonment

हत्या के दोषी दो सगे भाईयों सहित 6 को उम्रकैद

15/09/2022
loot

नकली पुलिस बनकर बदमाश पशु व्यापारी से 11 लाख लूटकर हुए चंपत

15/07/2021
arrested

मासूम के शव को कब्र से निकालकर जिंदा करने का प्रयास, तांत्रिक गिरफ्तार

16/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version