लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
एक माह के इस व्यापक अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी की कहानी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ इसके प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इनके साथ प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान तथा ग्राम चौपाल और सीधा संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे।
मंगलवार को अभियान की कार्ययोजना पर उच्चस्तरीय चर्चा के के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की निरंतर यात्रा है। इस अवधि में देश में हुए नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश सरकार के 10 वर्षों में हुए विकास कार्यों से आम नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, उसकी वास्तविक तस्वीर सामने आए। अभियान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग समेत प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की पहुंच जिला मुख्यालयों और विकासखंडों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक अभियान को पहुंचाने का विशेष प्रयास किया जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को यह जानकारी मिले कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं से उनके गांव, क्षेत्र और परिवार के जीवन में क्या बदलाव आया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को वास्तविक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान तैयार होने वाली सामग्री प्रमाणिक और तथ्यपरक हो तथा उसका स्थायी डेटा-बैंक तैयार किया जाए। इसमें विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों तथा राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण तथा लाभार्थियों की अद्यतन सूची शामिल हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, महत्वपूर्ण अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं खेल, पंचायती राज एवं सुशासन तथा ओडीओपी से जुड़े कार्यों को भी डेटा-बैंक में शामिल किया जाए। श्री काशी विश्वनाथ धाम, श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास, एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल नेटवर्क, नए एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, एम्स, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक स्टेडियम, ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, अमृत सरोवर तथा ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों का भी संकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से अभियान की शुरुआत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल प्रतीकात्मक आयोजन न बनाकर सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे जुड़ाव का अवसर बनाया जाए। ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान की गतिविधियां गांव के अंतिम छोर तक पहुंचें।
इसके साथ ही 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को बच्चों के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाए। प्रतियोगिताओं का आयोजन पहले विद्यालय स्तर, फिर ब्लॉक स्तर, जिला स्तर और अंत में प्रदेश स्तर पर किया जाए। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता के साथ ‘स्कूल, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर डिबेट प्रतियोगिता भी कराई जाए। विद्यालय स्तर की प्रदर्शनी में अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा श्रेष्ठ प्रतिभागियों को अगले स्तर के लिए चयनित किया जाए। उत्कृष्ट प्रविष्टियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से 25 वर्षों की सेवा, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में आए बदलाव की कहानी गांव-गांव और शहरों तक पहुंचाई जाए। प्रस्तुतियों को प्रभावी बनाने के लिए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का सहयोग लिया जाए।
25 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वस्थ बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कृत किया जाए, कुपोषण से सुपोषण की स्थिति तक पहुंची माताओं को सम्मानित किया जाए तथा अच्छा कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कहानी बदलाव की’ को ऐसा माध्यम बनाया जाए, जिसमें गांव से लेकर राज्य स्तर तक डबल इंजन सरकार के प्रयासों से हुए बदलाव और नवाचारी मॉडलों की वास्तविक कहानी सामने आए। ग्राम सचिवालय, अटल आवासीय विद्यालय, इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, रैपिड रेल, मेडिकल कॉलेज, फोरेंसिक लैब, राष्ट्र प्रेरणा स्थल, नेवल म्यूजियम सहित बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं और जनोपयोगी योजनाओं से हुए बदलाव को रील और वीडियो के माध्यम से दिखाया जाए।
मुख्यमंत्री ने सात अक्टूबर को होने वाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के लिए निर्देश दिए कि सभी 75 जिलों में प्रमुख स्थानों को पहले से चिन्हित कर लिया जाए, जहां स्थायी अथवा अखंड ‘सेवा ज्योति’ स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। जनपद के विभिन्न हिस्सों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां इन स्थानों तक पहुंचेंगी। बड़ी एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री जी के संबोधन का प्रसारण होगा और ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। ‘वडनगर-से वाराणसी यात्रा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री की जन्मभूमि और कर्मभूमि को पवित्र जल के आदान-प्रदान से जोड़ा जाएगा। तय कार्ययोजना के अनुसार वाराणसी से 250 बाइक और 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। यात्रा के दौरान प्रतिदिन 60 से 80 ग्रामीण और शहरी पड़ावों पर जनसंवाद तथा योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में प्रत्येक नागरिक को 25 निर्धारित सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़कर समाज के लिए अपना योगदान देने का अवसर मिलेगा। इसके बाद ‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के तहत सभी विकासखंडों में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मूल उद्देश्य पात्र नागरिक को उसके अधिकार का लाभ उसके द्वार तक पहुंचाना होना चाहिए। तय कार्ययोजना के अनुसार लोककल्याणकारी योजनाओं के ऐसे पात्र व्यक्ति, जो किसी कारण से अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाए। ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’ कार्यक्रम के तहत चयनित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसमें प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में पांच प्रमुख केंद्रों पर होने वाले आयोजनों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में व्यापक स्तर पर छात्रों का ओरिएंटेशन और मोटिवेशन कराया जाए। 17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’ थीम पर होने वाले ‘जनसेवा महाकुंभ’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान और सरपंच से लेकर सांसदों तक के जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय समागम सेवा और सुशासन के 25 वर्षों की यात्रा को जनप्रतिनिधियों के अनुभव से जोड़ने का अवसर होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रमुख कार्यक्रमों के साथ प्रदेश के ऐतिहासिक एवं लोकप्रिय स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर ‘नमो सेवा’ की थीम पर लेजर शो आयोजित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय कार्ययोजना के अनुसार अभियान की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। 10 सितंबर तक कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बैठक तथा डेटा-बैंक और लाभार्थी सूचियों की तैयारी पूरी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल एक महीने के कार्यक्रम के रूप में न देखा जाए। यह 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है।









