सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में नॉन-TET शिक्षकों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। राज्य सरकार ने ऐसे शिक्षकों के लिए स्पेशल TET कराने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) जल्द ही इसका विज्ञापन जारी कर परीक्षा की तारीख घोषित करेगा।
स्पेशल TET में 150 सवाल पूछे जाएंगे और प्रत्येक सवाल एक अंक का होगा। इस तरह परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी। अभ्यर्थियों को पेपर हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा में गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों के लिए पेपर में पांच खंड होंगे। बाल विकास एवं शिक्षण विधि, प्रथम भाषा हिंदी, द्वितीय भाषा अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत, गणित और पर्यावरण अध्ययन से 30-30 सवाल पूछे जाएंगे।
उच्च प्राथमिक यानी कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए भी बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी और दूसरी भाषा से 30-30 प्रश्न होंगे। इसके अलावा शिक्षक के विषय के अनुसार गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। अन्य विषयों के शिक्षक निर्धारित विकल्पों में से अपना विषय चुन सकेंगे।
पास होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में से 90 अंक यानी 60 प्रतिशत हासिल करने होंगे। एससी, एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 82 अंक यानी 55 प्रतिशत का मानदंड रखा गया है।
सरकार की योजना के मुताबिक करीब 56,818 कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल TET कराया जाना है, जबकि व्यापक स्तर पर लाभार्थी शिक्षकों की संख्या करीब 62 हजार बताई जा रही है। UP TET 2026 में करीब 86 हजार नॉन-TET शिक्षक सफल हो चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा। ऐसे में प्रस्तावित स्पेशल TET उन शिक्षकों के लिए अहम मौका माना जा रहा है, जिन्हें अब अपनी सेवा और भविष्य की पदोन्नति से जुड़े संकट से निकलने के लिए TET की शर्त पूरी करनी है।






