मेरठ: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज, 30 सितंबर, जिला अदालत फैसला सुना सकती है। मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और दोनों पक्षों की अंतिम बहस भी समाप्त हो गई है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने निर्णय के लिए 30 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
125 तारीखों के बाद फैसला
सौरभ हत्याकांड में अदालत के सामने 22 गवाहों के बयान दर्ज हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले रोजाना सुनवाई के आदेश दिए गए थे। डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, केस में करीब 125 तारीखें लगीं।
अब अदालत के फैसले का इंतजार है। सुरक्षा कारणों से आरोपी मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराए जाने की संभावना है।
परिवार को फैसले का इंतजार
सौरभ के बड़े भाई राहुल ने आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से इस मामले के फैसले का इंतजार कर रहा है।
मां रेनू देवी ने भी कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था और प्रशासन से उम्मीद है। उन्होंने दोषियों को सजा मिलने की बात कही।
क्या था पूरा मामला?
18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में उसकी गुमशुदगी और हत्या की आशंका को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सौरभ 5 मार्च से लापता था। शिकायत में मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला पर शक जताया गया था।
पुलिस ने 18 मार्च को मामले का खुलासा करते हुए दावा किया था कि सौरभ की हत्या 3 मार्च की रात की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने शव के टुकड़े एक नीले ड्रम में छिपाए थे।
पेशी में हुआ था हंगामा
19 मार्च को मुस्कान और साहिल को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया था। इसी दौरान कुछ वकीलों ने साहिल के साथ मारपीट कर दी थी। इसके बाद दोनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाने लगी।
अब अदालत के फैसले के साथ इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई का निर्णायक चरण पूरा हो सकता है।









