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सूबे के 67 हजार नामांकित दिव्यांगों के फर्जी होने की आशंका

पटना| सूबे के स्कूलों में दिव्यांग छात्रों का नामांकन में गड़बड़ी सामने आयी है। सूबे के पांच हजार स्कूलों में छठीं से 12वीं तक कुल दिव्यांग नामांकित छात्रों की संख्या एक लाख 72 हजार है, लेकिन यू-डायस में एक लाख 5 हजार दिव्यांग छात्र ही दिख रहा है। कुल 67 हजार दिव्यांग छात्रों का अंतर आ रहा है। अब जांच शुरू हो गयी है। सभी स्कूल प्रशासन से वजह पूछी गयी है। स्कूल प्रशासन को छात्रों की सूची उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सुनयना कुमारी ने बताया कि स्कूल को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। स्कूलों को तीन से चार बार पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक किसी स्कूल ने जवाब नहीं दिया है। जो स्कूल यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की इंट्री नहीं करेंगे तो उन पर कार्रवाई की जायेगी। स्कूलो को सात नवंबर तक का समय दिया गया है। एसपीओ सुनयना कुमारी ने बताया स्कूल प्राचार्य को नामांकित सभी दिव्यांग छात्रों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करेंगे।  बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के पास कुल नामांकन एक लाख 72 हजार है और यू-डायस के पास कुल दिव्यांग छात्र एक लाख पांच हजार ही हैं।

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दिव्यांग छात्रों को बिहार सरकार की कई योजनाओं का लाभ दिया जाता है। सभी छात्रों का पैसा उनके खाते में जाता है। अब नामांकित एक लाख 72 हजार दिव्यांग छात्र बिहार सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन भारत सरकार द्वारा केवल एक लाख पांच हजार छात्र को ही योजना लाभ की राशि उपलब्ध करवायी गयी है।

यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक इंफार्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) एक नंबर है। इसमें देश भर के स्कूल रजिस्ट्रर्ड होते हैं। 2014 के बाद से शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश भर के स्कूल का डेटाबेस हर साल तैयार किया जाता है।

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