• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अहोई अष्टमी कब है, जानें तारों को देखकर क्यों तोड़ा जाता है व्रत

Writer D by Writer D
22/10/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Ahoi Ashtami

Ahoi Ashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर साल महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। यह व्रत भी कठिन व्रत में से एक है। यह व्रत कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी व्रत (Ahoi Ashtami) रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं दिनभर अन्न-जल ग्रहण के बिए उपवास रखती हैं। अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) व्रत में स्याही माता और अहोई माता की पूजा की जाती है। शाम को तारों को देखकर और अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण करती हैं। आइए जानते हैं कि अहोई अष्टमी पर तारों को देखकर क्यों व्रत तोड़ा जाता है?

अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) की सही डेट

द्रिक पंचांग के अनुसार,कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 24 अक्टूबर 2024 को सुबह 01 बजकर 18 मिनट पर होगा और 25 अक्टूबर 2024 को सुबह 01 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगा। इसलिए उदयातिथि के अनुसार, 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा।

तारों के दर्शन का समय : इस दिन शाम को 05 बजकर 56 मिनट पर आसमान पर तारे नजर आने लगेंगे।

अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) पर तारों को देखकर क्यों तोड़ा जाता है व्रत

जिस तरह पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में वैसे ही संतान के दीर्घायु और खुशहाल जीवन के लिए अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) का निर्जला व्रत किया जाता है। करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देने के बाद व्रत तोड़ा जाता है। वहीं, अहोई अष्टमी व्रत में शाम को तारों के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी  (Ahoi Ashtami) के दिन अनगिनत तारों के दर्शन और पूजन से कुल में अनगिनत संतान होती है। इस व्रत में माताएं पूजा-अर्चना के दौरान आकाश में जैसे तारे चमकते हैं, वैसे ही घर में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। अहोई अष्टमी व्रत में तारों को अर्घ्य देना बेहद जरूरी होता है। कहा जाता है कि इसके बिना व्रत का संपूर्ण फल नहीं मिलता है।

Tags: Ahoi AshtamiAhoi Ashtami dateAhoi Ashtami puja
Previous Post

कब है कार्तिक माह का पहला प्रदोष व्रत, नोट कर लें मुहूर्त और पूजाविधि

Next Post

दिवाली से पहले बन रहा गुरु पुष्य योग, जानें महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

Suntan
फैशन/शैली

स्किन पर पड़ने लगा हैं धूप का असर, ये घरेलू सनस्क्रीन लोशन बनाएंगे बिगड़ा काम

10/06/2026
Copper
Main Slider

क्या आप भी रोज तांबे की बोतल से पीते है पीने, तो जान लें इसके नुकसान

10/06/2026
Western Toilet
फैशन/शैली

वेस्टर्न टॉयलेट सेहत के लिए है खतरनाक, बनता हैं इन बिमारियों का कारण

10/06/2026
Dates Pudding
खाना-खजाना

मीठे में बनाएं खजूर का हलवा, आसान है बनाने का तरीका

09/06/2026
Shahi Bhindi
खाना-खजाना

खाने का स्वाद को बढ़ाएगी ये भिंडी, सभी को आएगी पसंद

09/06/2026
Next Post
Guru Pushya Yoga

दिवाली से पहले बन रहा गुरु पुष्य योग, जानें महत्व

यह भी पढ़ें

IBPS PO SO Main Exam and Interview Result Declared

Bihar B.Ed CET 2024 में प्रीति ने किया टॉप, यहां रोल नंबर से करें चेक

08/07/2024
yadav mahotsav

प्रदेश भर से जुटें समाजसेवी, यादव महासभा की चिंतन बैठक संपन्न

05/06/2022
Azam Khan

सपा संसद आज़म खान को कोरोना का मॉडरेट इन्फेक्शन, मेडिकल बुलेटिन जारी

10/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version